खैर लकड़ी तस्कर गिरोह का ड्राइवर सदस्य वन कर्मियों ने रंगे हाथ पकड़ लिया।
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हल्द्वानी। गौलापार में प्रस्तावित चिड़ियाघर से लकड़ी तस्करों ने खैर के 42 पेड़ काटकर गिल्टे सोनीपत बेच दिए। मामला तब खुला जब जंगल में छिपाए गए 72 गिल्टों को ट्रक में लादा जा रहा था। वन विभाग की टीम ने चालक बाबू खां को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य तस्कर फरार हो गए। चालक ने स्वीकार किया है कि वह एक महीने पहले 42 पेड़ काटने में शामिल रहा है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज का गश्ती दल मंगलवार तड़के गश्त पर था। टीम ने गौलापार में प्रस्तावित चिड़ियाघर के अंदर ट्रक में लकड़ी के गिल्टे भरने की आवाज सुनी। ट्रक यूपी 23टी-5848 को घेरने के बाद चालक हत्थे चढ़ गया। मौके पर खैर के 72 गिल्टे मिले। अतरा सिकला थाना रजबपुर जिला अमरोहा निवासी चालक बाबू खां ने बताया कि एक माह पहले काटे गए खैर के पेड़ों के कुछ गिल्टे सोनीपत में बेचे गए थे। बाकी के गिल्टों को जंगल में छिपा दिया गया था। इन गिल्टों को मंगलवार तड़के ट्रक में भरा जा रहा था। इसके बाद अन्य पेड़ों को काटने की तैयारी थी।
प्रभागीय वन अधिकारी ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने बताया कि चालक को न्यायालय से अनुमति लेकर रिमांड पर लिया जाएगा। उसे सोनीपत ले जाकर उन प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी, जहां पूर्व में खैर के गिल्टे बेचे गए थे। टीम में वन दरोगा प्रमोद बिष्ट, डिगर राम, ललित बिष्ट थे।