अप्रैल और मई में रुक-रुक हुई बारिश और तूफान के चलते देश के अधिकांश राज्यों में इस बार पिछले वर्षों की तुलना में उतनी गर्मी अभी नहीं पड़ रही है। इसके चलते नैनीताल का पर्यटन सीजन इस बार ‘ठंडा’ पड़ा है। यही कारण है कि कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुमाऊं भर में स्थित पर्यटक आवास गृहों की 25 फीसदी बुकिंग निरस्त हो गई है। निराश पर्यटन व्यवसायियों को अब जून के महीने से ही उम्मीदें हैं।
नैनीताल में गर्मियों का सीजन मई और जून का होता है। इन दो महीनों में मुंबइ, गुजरात, यूपी, पंजाब, बंगाल समेत देशभर के कई राज्यों से बड़ी संख्या में सैलानी नैनीताल की खूबसूरती निहारने के लिए आते हैं। बीते कुछ वर्षों से मुंबई के पर्यटकों ने नैनीताल से कन्नी सी काट ली है। पर्यटक व्यवसायी वेद प्रकाश साह (अल्का होटल) का कहना है कि मुंबई के पर्यटक विदेश या कश्मीर जाना पसंद कर रहे हैं। वहीं दिल्ली में अभी तापमान ज्यादा नहीं बढ़ा है, इसलिए वहां से भी कम ही पर्यटक आ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जून में व्यवसाय जोर पकड़ेगा।
कुमाऊं मंडल विकास निगम के सूखाताल स्थित पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक शरदेंदु पांडे और लता बिष्ट कहते हैं कि कुमाऊं भर में स्थित पर्यटक आवास गृहों में पर्यटकों द्वारा कराई गई 25 फीसदी एडवांस बुकिंग निरस्त हो गई है। अभी भी पर्यटक बुकिंग की जानकारी कम भूकंप और आपदा की ज्यादा पूछ रहे हैं।
मनुमहारानी के सेल्स मैनेजर पवन कुमार ने कहा कि नेपाल के साथ ही उत्तराखंड में भूकंप के झटकों की खबर के बाद मई की कुछ बुकिंग निरस्त हो गई हैं। वर्षा और कम गर्मी पड़ने के कारण पर्यटक नैनीताल कम आ रहे हैं। इसी तरह पर्यटन व्यवसायी प्रवीण शर्मा, गिफ्ट आइटम विक्रेता भुवन फर्त्याल भी इस बार कर्म पर्यटकों के आने से निराश हैं।
भूकंप ने डरा दिया है
देश भर से नैनीताल आने वाले पर्यटकों की इस बार कम आवाजाही का सबसे बड़ा कारण नेपाल में भूकंप से हुई तबाही साबित हो रहा है। नेपाल में जितनी बार भी भूकंप से धरती डोली और तबाही हुई उससे उत्तराखंड भी थर्राया। इसका विपरीत असर अब पर्यटन व्यवसाय पर देखने को साफ मिल रहा है। उम्मीद है जल्द ही सब सामान्य हो जाएगा और नैनीताल फिर से पर्यटकों से गुलजार होगा।