नैनीताल। नैनीताल और इसके आसपास के क्षेत्रों में शनिवार शाम को बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बारिश के चलते दो राज्य मार्गों और दो ग्रामीण मार्गों पर मलबा आने से घंटों यातायात ठप रहा। हालांकि देर शाम तक चारों सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया।
शनिवार तड़के नैनीताल में हल्की बारिश हुई लेकिन उसके बाद कुछ देर के लिए मौसम खुल गया। दोपहर तक आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर ढाई बजे से शाम छह बजे तक बारिश होती रही जिससे माल रोड पर कई जगह और तल्लीताल में दर्शन घर के पास जलभराव हो गया। लगातार बारिश से मौसम में ठंडक बनी हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि बारिश से कहीं नुकसान की खबर नहीं है। बारिश के चलते काठगोदाम-हैड़ाखान-सिमलिया बैंड रोड व रामनगर-भंडारपानी-रींची-बिल्लेख रोड के अलावा दो ग्रामीण मार्गों क्रमश: फतेहपुर पीपल अड़िया और कांडा डोनपरेवा मोटर मार्ग पर मलबा आया था। इससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि देर शाम चारों सड़कों से मलबे को साफ कर यातायात सुचारु करा दिया था।
कहां कितनी हुई बारिश
तहसील बारिश (एमएम)
नैनीताल 61
हल्द्वानी 70
कोश्याकुटौली 76
धारी 50
बेतालघाट 48
रामनगर 52
कालाढूंगी 54
मुक्तेश्वर 35.1
चलती कार पर गिरा मलबा, बाल-बाल बचे सवार
नैनीताल। नैनीताल निवासी अर्पण साह शुक्रवार को अपने भाई दर्पण साह और दो कर्मचारियों गुड्डू व कपिल के साथ किसी काम से अधौड़ा गए थे। वापसी में कार से नैनीताल की ओर आ रहे थे। अधौड़ा-बजून मार्ग पर जमुड़ा के पास उनकी कार के ऊपर पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिर गया। मलबा गिरता देख चारों लोग किसी तरह कार से बाहर आ गए। उसके बाद कार पर भारी मलबा गिर गया और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। चारों को रात में गांव में ठहरना पड़ा। वाहन स्वामी ने एसडीएम को ज्ञापन देकर वाहन में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। संवाद
बेमौसम बारिश के चलते किसानों की कमर टूटी
नैनीताल/कालाढूंगी। नैनीताल और आसपास के क्षेत्र में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। नैनीताल के समीपवर्ती रूसी, देवीधूरा, जमीरा, सौड़ बग्गड़ व खुर्पाताल क्षेत्र में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलें दब गई हैं। पेड़ों में लगा फूल और छोटा फल भी गिर गया है।
इससे काश्तकारों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है। उधर, एसडीएम कालाढूंगी रेखा कोहली व तहसीलदार प्रियंका रानी ने कर्मचारियों के साथ तहसील क्षेत्र के बैलपड़ाव, रतनपुर, हिम्मतपुर, चंद्रपुर, कनकपुर, महादेवपुर, उदयपुरी बिशनपुर सहित अन्य बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का मौका मुआयना कर खेती को हुए नुकसान का आकलन किया। ग्रामीणों ने समस्या से एसडीम को अवगत कराया। उनके साथ पूर्व सांसद प्रतिनिधि हेम तिवारी, तरसेम सिंह, भगवान सिंह रौतेला आदि थे।
विधायक सरिता आर्या ने कहा कि ओलावृष्टि से ग्रामीण क्षेत्र में काश्तकारों को काफी नुकसान हुआ है। कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंपकर काश्तकारों के नुकसान का जायजा लेने और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
हाईवे पर पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित
गरमपानी(नैनीताल)। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के सुयालखेत के पास सड़क चौड़ीकरण के बाद गांव को सड़क से जोड़ने वाला पैदल मार्ग क्षतिगस्त होने से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण पंकज नेगी, सुनील सिंह, नंदन सिंह, गोपाल सिंह, लाल सिंह ने बताया कि चौफा, कमोली और कफलाड़ को पैदल जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त होने से किसानों को सब्जी और दूध को बाजार तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। उधर, दो दिनों से हो रही बारिश के चलते शनिवार को हाईवे पर पाडली, रातीघाट, भौर्यमोड़, चमड़िया, जौरासी, काकड़ीघाट, सुयालखेत में पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे। भीमताल, भवाली, ओखलकांडा, धारी में शनिवार दोपहर बाद हुई बारिश से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नैनीताल के पास अधौड़ा मार्ग में मलबे के साथ पत्थर से क्षतिग्रस्त हुई कार। संवाद