विभागीय हीलाहवाली के चलते उजाला नगर और इंदिरा नगर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध कनेक्शनों ने भी पानी की व्यवस्था फेल कर दी है।
नेताओं को तो चुनाव के समय ही हल्द्वानी का पेयजल संकट सबसे बड़ी समस्या नजर आती है, लेकिन चुनावी निपटने के बाद समस्या उनके एजेंडे से बाहर हो जाती है। उजाला नगर और इंदिरा नगर में लगभग 50 हजार लोग रहते हैं। गर्मियां शुरू होते ही दोनों क्षेत्रों के लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। महिलाएं सिर पर पानी ढोकर ला रही हैं। वर्षों पुरानी जीर्णशीर्ण पेयजल लाइनों से आज भी शहर में जलापूर्ति हो रही है।
इंदिरा नगर और उजाला नगर में आलम यह है कि पाइप लाइन नालियों में बहने वाले गंदे पानी के बीच से गुजर रही है। विभाग ने अब तक सुधार के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। वहीं, दोनों क्षेत्रों में धड़ल्ले से अवैध कनेक्शन से पेयजल लिया जा रहा है और विभागीय अधिकारी मौन हैं।
जल संस्थान के सहायक अभियंता आरपी डोबवाल ने बताया कि 2014 में तीन सौ अवैध कनेक्शन पकड़े गए थे। इन कनेक्शनों को नियमित कर दिया गया था, उसके बाद से अवैध कनेक्शन के खिलाफ कोई अभियान नहीं चला।