डीएम दीपेंद्र चौधरी ने जल संस्थान का औचक निरीक्षण किया। ड्यूटी से चार कर्मी नदारद मिले, इस पर डीएम ने उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, शिकायत पंजिका में चार में से महज एक शिकायत का निस्तारण होने पर एई को फटकार लगाई। डीएम के निरीक्षण से दफ्तर के कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
डीएम सोमवार सुबह करीब 10:35 बजे जलसंस्थान दफ्तर पहुंचे। यहां सबसे पहले वह ईई कक्ष की तरफ गए तो दरवाजा बंद था और ईई संतोष उपाध्याय नदारद थे। फिर वह दफ्तर में पहुंचे तो चार कर्मचारी चंदन राम, अनिल कुमार, भारत सिंह और कैलाश चंद्र गायब थे।
उन्होंने उपस्थिति पंजिका की जांच की तो एई एमसी और जेई एमके जोशी भी समय से दफ्तर नहीं पहुुंचे थे, हालांकि एई आरपी डोबवाल पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने शिकायत पंजिका मंगाई। पंजिका में शिकायतों का अंबार लगा था, इस पर डीएम ने एई को फटकार लगाई।
एई ने बताया कि शिकायतें निस्तारित हो चुकी हैं, लेकिन निस्तारण होने का उल्लेख नहीं किया गया है, हालांकि चार शिकायतें अभी भी लंबित मिली। डीएम ने शिकायतों की जांच की तो पता चला कि जेई को उक्त शिकायतों की जानकारी ही नहीं है।
इस बीच ईई संतोष उपाध्याय भी दफ्तर पर पहुंच गए। उन्होंने डीएम को बताया कि एई और जेई को फील्ड में भेजा है, इस पर डीएम थोड़ा शांत हुए। उन्होंने समय से दफ्तर नहीं पहुंचने पर चारों कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।