भवाली-अल्मोड़ा एनएच में कैंची के पास पहाड़ी से बोल्डर और पत्थरों के गिरने से एनएच में सुबह 11:30 बजे से यातायात ठप हो गया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर से दिल्ली से अल्मोड़ा को जा रही एक कार (डीएल 8 सीएएल 3546) का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया और कार में सवार पिंकी (35) पत्नी रितेश निवासी दिल्ली घायल हो गईं। उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। बाद में एनएच के अवरुद्ध होने की खबर मिलते ही एनएच के अधिकारी और खैरना पुलिस मौके पर पहुंचे। खैरना पुलिस ने रानीखेत और अल्मोड़ा के वाहनों को वाया क्वारब होते हुए रवाना किया। कई घंटे के बाद शाम 4:15 बजे एनएच में वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सकी। जिससे हल्द्वानी, दिल्ली, लखनऊ, बरेली, अल्मोड़ा, रानीखेत आदि क्षेत्रों को आने जाने वाले सैकड़ों यात्रियों ने राहत की सांस ली।
पैदल ही रवाना हो गए यात्री
गरमपानी (नैनीताल)। एनएच में लगे जाम में फंसे यात्री पहले तो काफी देर तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब सड़क खुलने की स्थिति नजर नहीं आई तो खैरना की ओर आने वाले कई यात्री कैंची से खैरना को जाने वाले पैदल मार्ग से होते हुए पाडली पहुंचे। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम खुलवाने में बहा पुलिस का पसीना
गरमपानी (नैनीताल)। एनएच के अवरुद्ध होने के बाद कैंची में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जैसे ही सड़क से मलबा हटाया गया तो पहले निकलने के चक्कर में सड़क में कई वाहन आड़े-तिरछे हो गए। खैरना के चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह नेगी घंटों तक पुलिस फोर्स के साथ सड़क पर आड़े-तिरछे हुए वाहनों को निकालने में लगे रहे। उन्होंने बताया कि सड़क बंद होने के बाद वाहनों को वाया क्वारब जाने की सलाह दी गई। जिसके बाद कुछ वाहन चालक तो वाया क्वारब होते हुए पहाड़ की ओर रवाना हो गए, जबकि कई वाहन चालक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।