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वनकर्मियों ने अवैध झोपड़ियां गिराईं, विरोध करने पर लाठियां बरसाईं

Tue, 17 Jan 2017 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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वनकर्मियों ने अवैध झोपड़ियां गिराईं, विरोध करने पर लाठियां बरसाईं - फोटो : अमर उजाला
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गौला बाईपास और रेलवे लाइन के बीच खाली जमीन पर बनाई गई आधा दर्जन अवैध झोपड़ियों को वन विभाग के अधिकारियों ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के विरोध में उतरे लोगों को उन्होंने लाठियां भांजकर खदेड़ दिया।
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इस बीच कांग्रेस के दो कार्यकर्ता घायल हो गए। इस पर समर्थकों ने बेस अस्पताल में जमकर हंगामा काटा और नैनीताल हाईवे जाम करने का प्रयास किया। वे डीएफओ पर मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग उठा रहे थे। पुलिस ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया। इस बीच एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

सोमवार को रेलवे के सीमांकन के दौरान डीएफओ नितीशमणि त्रिपाठी (तराई पूर्वी वन प्रभाग) दलबल के साथ गौला बाईपास पर पहुंचे। उन्होंने बाईपास और रेल पटरी के बीच खाली जमीन पर बनाई गई आधा दर्जन झोपड़ियां जेसीबी से ध्वस्त करा दीं।
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वन विभाग की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता अरशद अयूब, पम्मी सैफी अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और वन विभाग की कार्रवाई का विरोध करने लगे। उनका तर्क था कि वन विभाग अन्य स्थानों से अतिक्रमण क्यों नहीं हटा रहा है।

डीएफओ के खिलाफ नारेबाजी करने पर वन विभाग के कर्मचारियों ने उन पर लाठियां भांजी। इस बीच भगदड़ मचने पर अरशद और पम्मी सैफी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि गड्ढे में गिरने से अरशद का पैर टूट गया।

मारपीट की सूचना पर कांग्रेस नेता जावेद सिद्दीकी भी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। अरशद ने आरोप लगाया कि उस पर डीएफओ ने वार किया है। उसके बाद घायलावस्था में वहीं छोड़कर वनकर्मी चले गए।

यह सुनते ही समर्थक नारेबाजी करने लगे। इस बीच थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी मौके पर पहुंचे और घायल अरशद को एंबुलेंस से बेस अस्पताल भेज दिया। बेस में भारी भीड़ जुट गई और हंगामा शुरू कर दिया।

वे पुलिस से डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने नैनीताल हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। मना करने पर सीपीयू से तीखी झड़प हो गई। एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी ने समझा-बुझाकर उन्हें सड़क से हटाया।

उसके बाद वे बेस में हंगामा करने लगे, स्ट्रेचर तोड़ डाली, जिससे मरीज, तीमारदार और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने लोगों को शांत कराया। उसके बाद डाक्टरों ने अरशद अयूब को निजी अस्पताल रेफर कर दिया। इस बीच मंडी समिति के सभापति सुमित हृदयेश, आप के रईसुल हसन भी मौके पर पहुंच गए।

अरशद को उठाने गए थे डीएफओ

डीएफ ओ नितीशमणि त्रिपाठी ने कहा उन्होंने अरशद अयूब को लाठी नहीं मारी है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध वालों को कर्मचारियों ने खदेड़ा। डीएफओ का कहना है कि अरशद के गिरकर घायल होने पर वह उठाने गए थे, लेकिन अरशद ने उठाने से मना कर दिया। इसके बाद डीएफओ कर्मचारियों के साथ वापस लौट गए।
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