वीरपुर लच्छी गांव में सड़क को लेकर चल रहे लंबे विवाद के बाद सोमवार को दो स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई की गई। एसडीएम एसएस जंगपांगी के नेतृत्व में खान विभाग, पुलिस, पर्यावरण और राजस्व विभाग की संयुक्त छापामार कार्रवाई में ढिल्लन स्टोन क्रशर और पुरेवाल स्टोन क्रशर में कई अनियमितताएं पाई गईं। जिस कारण उन्हें सीज कर दिया गया। एसडीएम ने बताया कि दोनों क्रशर स्वामियों पर एक करोड़ 18 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। डीएम को इसकी संस्तुति भेज दी गई है। वहीं, ढिल्लन स्टोर क्रशर के डायरेक्टर डीपी सिंह और पुरेवाल स्टोर क्रशर के पार्टनर बलविंदर सिंह से कार्रवाई के दस्तावेजों पर साइन कराए गए। इसके तहत अग्रिम आदेशों तक इन क्रशरों से उपखनिज का क्रय-विक्रय नहीं हो सकेगा।
खान अधिकारी राजपाल लेघा ने बताया ढिल्लन स्टोन क्रशर में पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली अनुमति 31 मार्च 2015 को खत्म हो गई थी। जिसे रिन्यू नहीं कराया गया था। जबकि पुरेवाल स्टोन क्रशर में स्टॉक क्रशर स्थापित करने की अनुमति तो थी, लेकिन संचालन की अनुमति नहीं थी। उन्होंने बताया दोनों स्टोन क्रशरों में चहार दीवारी, हरित पट्टी, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण रोकने के उपकरण नहीं लगाने के साथ ही उपखनिज के भंडारणों में भी अनियमितताएं पाई गईं। इस कारण टीम ने धर्मकांटे, आफिस और मुख्य द्वार को सीज कर दिया।
एसडीएम ने बताया कि ढिल्लन स्टोन क्रशर पर अभिलेखों के अनुसार 53277 घनमीटर भंडारण होना था। जांच के दौरान 42376 घनमीटर उपखनिज पाया गया। इस स्टोन क्रशर स्वामी के खिलाफ 49 लाख 30 हजार 450 जुर्माना ठोका गया है। वहीं पुरेवाल स्टोन क्रशर में अभिलेखों के अनुसार 64784 घनमीटर उपखनिज भंडारण होना था। जांच में 49500 उपखनिज कम पाया गया। जो अभिलेखों के मुताबिक 15284 घनमीटर था। इस क्रशर स्वामी को उपखनिज कम मिलने पर 69 लाख 2 हजार 930 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। टीम में सीओ मिथिलेश कुमार, पर्यावरण एवं प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डीके जोशी, कोतवाल कैलाश पंवार, एलआईयू समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।