कालाढूंगी। बरसात के समय चकलुवा सहित छह अन्य गांव में तबाही मचा रही निहाल नदी का डायवर्जन नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में इन गांवों पर बड़ा खतरा निश्चित है। नैनीताल के रूसी गांव के पास से निकलने वाला छोटा नाला घपला गांव तक पहुंचते ही विकराल नदी का रूप ले लेता है। इसमें छोटे-छोटे नाले मिलने से पानी का स्तर और भी बढ़ जाता है। इस नदी के मुहाने पर अत्यधिक रेत जमा हो जाने से इसका पानी आबादी की ओर बहने वाले नालों में डायवर्ट होने लगा है जो चकलुवा के गांवों में तबाही मचा रहा है।
निहाल नदी की बाढ़ से खड़कपुर, रामपुर, पूरनपुर, विदरामपुर, लखीमपुर, प्रतापपुर आदि ग्राम सभाओं की तरकीबन 16 हजार की आबादी बरसात शुरू होते ही खौफ के साए में जीने को मजबूर है। विगत वर्ष विगत वर्ष नदी में आई बाढ़ से प्रेम बहादुर, जगत सिंह, देवी दत्त मिश्रा, भुवन मिश्रा, बहादुर सिंह खोलिया, मानसिंह देउपा आदि कई ग्रामीणों की कई बीघा जमीन बह गई थी।
विगत क्षेत्र पंचायत की बैठक में निहाल नदी से ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली तबाही से अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
मोहन सिंह सैनी, ग्राम प्रधान रामपुर
निहाल नदी के डायवर्जन के लिए सभी विभागों का संयुक्त सर्वे कराकर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है।
सुधीर कुमार, एसडीएम कालाढूंगी