गरमपानी (नैनीताल)। बेतालघाट ब्लाक के रोपा गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी ग्रामीणों की मुसीबत का सबब बनी हुई है। हालात यह है कि दो दिन पहले गांव के एक युवक की तबियत बिगड़ने पर ग्रामीणों को डोली में बैठाकर मरीज को कोसी नदी पार करानी पड़ी। तब कहीं जाकर उसे बेतालघाट स्थित सीएचसी में इलाज नसीब हुआ।
रोपा गांव के ग्रामीण गांव को सड़क से जोड़ने और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग पिछले कई साल से कर रहे हैं। लेकिन शासन प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मांग पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रोपा गांव के सरपंच तारा भंडारी ने बताया कि दो दिन पहले बृहस्पतिवार को गांव के कमलेश बलोदी पुत्र गोपाल चन्द्र की तबियत बिगड़ गई। चूंकि गांव में सड़क और स्वास्थ्य संबंधी कोई सुविधा नहीं है लिहाजा स्थानीय निवासी पंकज रिखाड़ी, चतुर सिंह भंडारी, दीवान सिंह जलाल, भूपाल सिंह, मोहन चंद्र, गोपाल चंद्र आदि ने बीमार कमलेश को डोली में बैठाकर लगभग तीन किमी का पैदल सफर तय किया। इतना ही नहीं सीएचसी बेतालघाट तक पहुंचने के लिए उक्त लोगों ने बीमार कमलेश को डोली में बैठाकर कोसी नदी पार कराई और उसे सीएचसी बेतालघाट तक पहुंचाया गया जहां कमलेश को इलाज की सुविधा नसीब हुई।
बहुगुणा ने किया था पुल का शिलान्यास, आज तक नहीं बना
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कोसी नदी पर रोपा पुल का शिलान्यास किया था, मगर पुल नहीं बना। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना पड़ता है। रतौड़ा स्थित झूला पुल को रोपा में शिफ्ट कराने की बात शासन से कही थी। लेकिन वह भी पूरी नहीं हुई। सरपंच तारा भंडारी ने बताया कि गांव में सड़क और पुल की समस्या के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में होती है। बरसात में कोसी नदी उफान पर आने से लोगों को दस किमी का अतिरिक्त सफर बेतालघाट आने के लिए करना पड़ता है।