बेतालघाट (नैनीताल)। जोशीखोला और डाभर के ग्रामीणों ने रविवार को श्रमदान कर दो किमी नहर साफ की और खेतों तक पानी पहुंचाकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आइना दिखाया। यह कदम ग्रामीणों ने व्यवस्था की घोर उपेक्षा के बाद उठाया।
ग्रामीण सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार नहर को साफ करने का आग्रह कर चुके थे। वहीं, अब ग्रामीणों ने कहा है कि वह इस बार सिंचाई विभाग को लगान के रूप में एक रुपया भी नहीं देंगे। आरोप लगाया कि विभाग ने उन्हें कोई सुविधा नहीं दी है।
जोशी खोला डाभर सिंचाई नहर में काफी समय से झाड़ियां उगी हुईं थीं और नगर में कई जगह मलबा पटा हुआ था। इसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा था। बीते वर्ष समय पर सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने के कारण उक्त गांवोें के किसान गेहूं की फसल नहीं बो पाए थे, लिहाजा किसानों ने इस बार समय से ही विभागीय अधिकारियों से सिंचाई नहर की सफाई की मांग की, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विभागीय उपेक्षा से क्षुब्ध ग्रामीणों ने रविवार को दराती, फावड़ा, बेलचा उठाया और घंटों की मशक्कत के बाद दो किमी लंबी नहर की न केवल सफाई की बल्कि नहर के इर्द-गिर्द उगी झाड़ियों को काटकर खेतों तक पानी पहुंचा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि चूंकि विभाग की ओर से उन्हें कोई सुविधा नहीं दी जाती है लिहाजा वह इस बार विभाग को सिंचाई के एवज में दिए जाने वाले लगान का भुगतान भी नहीं करेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि नहरों में कराया गया निर्माण कार्य घटिया गुणवत्ता के कारण कई जगह टूट चुका है। इसे ग्रामीणों ने मिट्टी और गोबर की मदद से ठीक कर किसी तरह खेतों तक पानी पहुंचाया है। श्रमदान करने वालों में काना जोशी, गोपाल दत्त शर्मा, जगत पांडे, भुवन जोशी, कौस्तुभ जोशी, धीरज जोशी, भानु के अलावा दर्जनों महिलाएं शामिल थीं।