नगर निगम के सामने पेट्रोल भरे टैंकर ने मंगलवार दोपहर स्कूटी सवार शिक्षक को रौंद दिया। शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक एमबीपीजी कालेज की छात्रा उपाध्यक्ष के पिता थे। हादसे के बाद चालक टैंकर को छोड़कर भाग गया। इसके चलते नैनीताल रोड पर जाम लग गया। सीपीयू और पुलिस ने टैंकर हटाकर यातायात सामान्य कराया।
बिठौरिया नंबर एक निवासी केदार सिंह रावत ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय इंटर कालेज मतकोटा में शिक्षक थे। मंगलवार को वह ग्यारहवीं में पढ़ने वाले छोटे बेटे दिव्यांशु की फीस जमा करने के लिए जा रहे थे। नगर निगम के सामने टैंकर ने उनको कुचल दिया। लोगों के शोर मचाने पर चालक टैंकर को छोड़कर मौके से भाग निकला। हादसे की जानकारी मिलते ही सीपीयू की टीम और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुर्घटना के चलते नैनीताल रोड पर जाम लग गया। पुलिस ने किसी प्रकार टैंकर को हटाकर यातायात सामान्य किया।
शिक्षक का परिवार मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के नैनी जागेश्वर का रहने वाला है। केदार के बड़े भाई शाहजहांपुर (यूपी) में रहते हैं। तीन भाइयों में शिक्षक दूसरे नंबर के थे। शिक्षक के साले हरीश रावत ने मोर्चरी में पहुंचकर जीजा के शव की शिनाख्त की। पत्नी रेखा को देर तक हादसे की जानकारी नहीं दी गई। शिक्षक की बड़ी बेटी अंजलि एमबीपीजी कालेज में छात्रसंघ की छात्रा उपाध्यक्ष हैं। मझली बेटी मानसी 12 वीं और छोटा बेटा दिव्यांशु ग्यारहवीं में पढ़ता है।
टैंकर के अगले हिस्से से लगी टक्कर
परिजनों का कहना है कि केदार सिंह रावत बैंक से पैसा निकालने के लिए एसडीएम कोर्ट की तरफ जा रहे थे। स्कूटी में दाहिने तरफ लगी रगड़ बताती है कि टैंकर के आगे से ही उनको टक्कर लगी थी। इसी कारण वह गिर पड़े और पिछले पहिए के नीचे आ गए। इसमें वह बुरी तरह कुचल गए। स्कूटी में टंगे बैग में बेटे की कक्षा नौ और दस की मार्कशीट के अलावा एक बोतल पानी और फीस की रसीदें पड़ी थी। पुलिस ने स्कूटी के साथ सामान अपने कब्जे में ले लिया है।
मथुरा से ला रहा था पेट्रोल
एसएसआई इंदर सिंह राणा ने बताया कि टैंकर मालिक सुधीर कुमार सितारगंज का है। हादसे के बाद फरार चालक धर्मवीर बदायूं का रहने वाला है। टैंकर मालिक ने बताया कि चालक मथुरा से पेट्रोल लेकर आ रहा था। उसे काठगोदाम नरीमन तिराहा पेट्रोल पंप में जाना था। पुलिस चालक की तलाश में जुट गई है।