खगोल प्रेमियों के लिए सितंबर का दूसरा पखवाड़ा दुर्लभ और रोमांचक अनुभव लेकर आने वाला है। आगामी 18 से 22 सितंबर के बीच सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह शुक्र अंतरिक्ष में अपने सबसे चमकदार रूप में दिखाई देगा। वैज्ञानिकों और खगोलविदों के अनुसार, इन चार-पांच दिनों में शुक्र की चमक इतनी तेज होगी कि यह रात के आकाश में किसी चमकते हुए विशाल हीरे की तरह नजर आएगा।
इस खगोलीय घटना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम जनता को इसे देखने के लिए किसी महंगे टेलिस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग इसे सीधे अपने घरों की छतों से नग्न आंखों से देख सकेंगे। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान शुक्र ग्रह की चमक लगभग -4.8 मैग्नीट्यूड तक पहुंच जाएगी। यह चमक रात के आकाश के सबसे चमकदार तारे सीरियस से भी करीब 20 गुना अधिक होती है।
खगोलविदों के अनुसार, इस अद्भुत नजारे को देखने का सबसे सही समय सूर्यास्त के तुरंत बाद होगा। शाम के समय जैसे ही अंधेरा घिरना शुरू होगा, पश्चिमी क्षितिज (जिस दिशा में सूर्य अस्त होता है) की तरफ यह ग्रह सबसे पहले और सबसे चमकीले बिंदु के रूप में उभर कर सामने आएगा।
इस ग्रेटेस्ट ब्रिलिएंसी की अवधि में जब शुक्र पृथ्वी के सबसे करीब होता है, तब दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां वायुमंडल, बादलों की परतों और इसकी सतह की चमक का बारीकी से अध्ययन करती हैं। इसलिए यह शोध के लिहाज से अच्छा है। - वीरेंद्र यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक, एरीज
पृथ्वी की जुड़वां बहन के रहस्यों से उठेगा पर्दा
शुक्र ग्रह को अक्सर पृथ्वी की जुड़वां बहन कहा जाता है, क्योंकि इसका आकार और द्रव्यमान लगभग पृथ्वी जैसा ही है। हालांकि, इसका वायुमंडल बेहद घना और जहरीला है, जिसमें मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फ्यूरिक एसिड के बादल हैं। वैज्ञानिक इस बात पर लगातार शोध कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो शुक्र एक नरक की तरह बेहद गर्म (475 डिग्री सेल्सियस) ग्रह में बदल गया, जबकि पृथ्वी पर जीवन पनपा।