वट सावित्री पर्व पर महिलाओं ने व्रत रखकर परंपरागत कुमाऊंनी परिधानों से सजधज कर वट वृक्ष की पूजा की। वट वृक्ष को कलेवा एवं रक्षा सूत्र बांधकर पति के दीर्घायु और घर में सुख, समृद्धि की कामना की।
सभी इलाकों में पंडितों में मंत्रोच्चार और विधि विधान से महिलाओं को पूजा अर्चना कराई। महिलाओं ने सावित्री और सत्यवान की कहानी एक दूसरे को सुनाकर पति को जीवित कराने का वृतांत सुनाया। बाद में महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन, कीर्तन किए। सभी ने घरों में जाकर पति से आशीर्वाद भी लिया।