हल्द्वानी। कोविड वैक्सीन की कमी के चलते टीकाकरण अभियान गति धीमी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को कई केंद्रों पर टीका खत्म होने के कारण टीकाकरण समय से पहले ही बंद हो गया और केंद्रों पर ताला डाल दिया गया। टीकाकरण के लिए आए लोगों को निराश लौटना पड़ा।
बृहस्पतिवार को टीकाकरण के लिए 22 केंद्र बनाए गए थे और 4650 को टीका लगाने का लक्ष्य था। 22 केंद्रों पर महज 2156 को ही कोविड का टीका लग सका। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में सुबह से ही टीकाकरण के लिए लंबी कतार लगी थी। कोविड के बढ़ते केसों के चलते अधिक संख्या में लोग टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं। दोपहर साढ़े तीन बजे ही बेस अस्पताल में टीका खत्म हो गया। पांडे निवाड़ में सुबह लगभग साढ़े दस बजे ही टीका खत्म हो गया था और लोगों ने कोविन एप पर टीकाकरण के लिए दोबारा पंजीकरण कराकर दूसरी तिथि ली। एसटीएच में भी शाम चार बजे ही टीकाकरण बंद हो गया। अधिकांश केंद्रों की हालत ऐसी रही। टीकाकरण शाम पांच बजे तक चलता है और टीका उपलब्ध होने पर पांच बजे तक जितने लोग कतार में होते हैं सभी को टीका लगाया जाता है।
सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि 12 हजार डोज शाम सात बजे पहुंच गई हैं। टीके की डोज कम होने के बाद भी टीकाकरण कराया गया। शुक्रवार या शनिवार को 16 हजार 500 डोज और आ जाएंगी। शुक्रवार को 36 सरकारी और 14 निजी केंद्रों पर टीकाकरण होगा। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मर्तोलिया ने बताया कि शुक्रवार को टीके की दो लाख डोज और आ रही हैं। टीके की डोज आने के बाद जिलों को दी जाएगी।
छह नए माइक्रो कंटेनमेंट बनाए गए
हल्द्वानी। कोविड के नए मामले सामने आने के बाद कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने छह नए माइक्रो कंटेनमेंट बनाए हैं। उन्होंने बताया कि द्वारिका पुरी, आरटीओ आफिस रोड निकट गंगा रेस्टोरेंट एवं बार कुसुमखेड़ा, नीलकंठ कालोनी, मल्ली बमौरी निकट प्राइमरी स्कूल लालडांठ रोड, गौड़ धड़ा बिठौरिया नंबर 1 कुसुमखेड़ा, ग्राउंड फ्लोर केशव हाइट्स हिल्स व्यू एनक्लेव ब्लॉक आफिस के सामने कालाढूंगी रोड, गायत्री कालोनी निकट पानी की टंकी मल्ली बमौरी और द्वारा जमुना बधुलाकोटी मधुवन एनक्लेव निकट रेशम बाग कुसुमखेड़ा को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।
72 घंटे की मियाद खत्म होने के बाद आ रही कोरोना रिपोर्ट
हल्द्वानी। कोरोना रिपोर्ट लोगों के परेशानी का सबब बन रही है। जांच कराने के चार से पांच दिन के बाद कोविड की रिपोर्ट आ रही है। 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव की सीमा खत्म होने के बाद आ रही रिपोर्ट लोगों के लिए किसी काम की साबित नहीं हो रही है। कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है मगर लोगों की कोविड जांच की रिपोर्ट समय पर नहीं आ रही है। लोग रिपोर्ट के लिए सीएमओ कार्यालय के बाहर एकत्र हो रहे हैं। कई लोगों को तो चक्कर कटवाए जा रहे हैं और कोई सही जवाब रिपोर्ट को लेकर नहीं मिल रहा है। 12 अप्रैल को जिन लोगों ने कोरोना की जांच कराई थी 15 अप्रैल तक उन्हीं की रिपोर्ट नहीं आ पाई। कमलुवागांजा निवासी विनोद कुमार ने सात अप्रैल को कोरोना जांच कराई थी और रिपोर्ट 13 अप्रैल को आई। उनकी किसी काम से रामपुर जाना था। रामपुर के बार्डर पर ही 72 घंटे की मियाद खत्म होने के कारण उनको लौटा दिया गया। बार्डर पर कहा गया कि दोबारा जांच कराकर फिर आएं।