प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के रिक्त 662 पद शीघ्र पहले भरे जाएंगे। यह प्रक्रिया जुलाई से नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले पूरी कर ली जाएगी। उच्चशिक्षा निदेशालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
राज्य में इस समय उच्चशिक्षा विभाग के 100 राजकीय महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से 30 महाविद्यालय पिछले तीन वर्षों में खुले हैं। इसके साथ ही कुछ महाविद्यालयों में नये विषय खोले जाने पर प्राध्यापकों के भी पद सृजित हुए हैं।
इन पदों पर अभी नियुक्ति होनी बाकी है। निदेशालय के मुताबिक प्राध्यापकों के 2071 पद हैं जिनमें से 1092 पदों पर नियमित प्राध्यापक कार्यरत हैं जबकि 310 पदों पर गेस्ट टीचर तैनात हैं। निदेशालय ने पिछले सत्र में किसी तरह महाविद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था कर काम चला लिया लेकिन अब प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद निदेशालय भी किसी तरह का रिस्क लेने को तैयार नहीं है।
निदेशालय ने महाविद्यालयों में जुलाई से नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही रिक्त 662 प्राध्यापकों के पदों पर तैनाती करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में महाविद्यालयों से ब्योरा भी मांगा गया है।
महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के रिक्त 662 पदों पद नियुक्ति के संबंध में आयोग को अध्याचन भेजा गया है। आयोग से तैनाती होने में समय लगेगा। इस कारण महाविद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित न हो इसके लिए रिक्त 662 पदों पर गेस्ट फैकल्टी के रूप में प्राध्यापक रखने का प्रस्ताव बनाया है। शासन से अनुमति मिलने पर इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इनकी तैनाती आयोग से नियुक्ति होने तक की अवधि के लिए होगी।
- डा. बीसी मेलकानी, उच्चशिक्षा निदेशक