नैनीताल। जेलों में सुधार को लेकर इंडिया जस्टिस की रिपोर्ट में उत्तराखंड एक बार फिर सबसे निचले पायदान पर रहा है। प्रदेश को 10 में से 2.58 अंक मिले और वह 18वें स्थान पर रहा है। हाल ही में यह रिपोर्ट जारी की गई है।
जेल में कैदियों की क्षमता और बंद कैदी, उनके खान-पान, साफ-सफाई, बंदियों को कानूनी सहायता आदि के आधार पर इंडिया जस्टिस की ओर से सर्वे किया गया है। इसमें देश के ऐसे 18 बड़े और मध्यम राज्यों को शामिल किया गया है, जिनकी जनसंख्या एक करोड़ से अधिक है। इसके अलावा एक करोड़ जनसंख्या वाले सात छोटे राज्यों को भी इसमें शामिल किया गया।
इस मामले में उत्तराखंड अंतिम पायदान पर 18वें स्थान पर रहा। रिपोर्ट में तमिलनाडु पहले, कर्नाटक दूसरे और केरला तीसरे स्थान पर रहा है। इसके बाद आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और झारखंड का नंबर रहा।
2020 और 2022 में भी सबसे नीचे रहा राज्य
इंडिया जस्टिस की रिपोर्ट के अनुसार 2019 में प्रदेश को 17वां स्थान मिला था। प्रदेश 2022 में भी राज्य सबसे निचले पायदान पर ही रहा।