जल जीवन मिशन के कई गांवों में लगे बोर्ड गवाही दे रहे हैं कि वहां पेयजल योजना का काम पूरा हो चुका है। मगर हकीकत दूसरी है। बोर्ड पर काम पूरा होने की आठ-नौ महीने पहले की तारीखें लिखी हैं। इस खेल का जब ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने विरोध किया तो विभागीय अधिकारियों ने इसे संभावित तिथि बताकर पल्ला झाड़ दिया।
अफसर अब दिसंबर तक काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। सवाल है कि अभी तक यदि तारीखें संभावित थीं तो पहली बात तो इतनी देरी क्यों हो गई। दूसरा तकनीकी दिक्कतें आईं तो एक-दो मामले में आतीं। बमेठा बंगर केशवदत्त, खीमा, हरिपुर लच्छी में न लाइनें बिछी है, न कनेक्शन का काम पूरा हुआ है और न ओवरहेड टैंक बन पाए हैं। वहीं सड़कें उधड़ी पड़ी हैं। हर घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था को विभाग की ढिलाई और ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं कार्य पूर्ण होने के बोर्ड ग्रामीणों के मुंह चिढ़ा रहे हैं। तीसरा सवाल यह भी है कि संभावित तारीख आगे बढ़ती नजर आई तो उसे अंकित क्यों नहीं किया गया।
बमेठा बंगर केशवदत्त गांव के राधाबंगर और हरिपुर बच्ची में वर्तमान में करीब डेढ़ हजार से अधिक परिवार रहते हैं। इन्हें बमेठा बंगर सिंचाई नलकूप हनुमान मंदिर और गंगापुर कबडवाल स्थित ट्यूबवेल से पानी मिलता है। बमेठा बंगर केशवदत्त के लिए जल जीवन मिशन से दो योजनाएं बनाई गईं। इसमें राधाबंगर में पेयजल ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनना है। दूसरी योजना में नारायणपुरम में ओवरहेड टैंक बनाना शामिल है। साथ ही पेयजल लाइन बिछनी है। राधाबंगर में तो अभी तक पेयजल ट्यूबवेल तक नहीं चला है। लाइन से लोगों के कनेक्शन तक नहीं हुए हैं। उधर ओवरहेड टैंक अभी तक नहीं बन पाया है।
बमेठा बंगर केशवदत्त स्थित नारायणपुरम और इंदिरा आवास कॉलोनी का भी यही हाल हैं। कॉलोनी में पेयजल लाइन बिछाई गई हैं। लेकिन अभी तक लाइनों में पानी नहीं आया है। लोगों के घरों तक नल नहीं लगे हैं।
बमेठा बंगर खीमा गांव में भी योजना को पूरा दिखाया गया है। अभी तक यहां भी हर घर में पानी नहीं दिया गया है। हर्ष विहार में पेयजल लाइन लीक है। दो लाइनों में पानी दिया जा रहा है। इससे पानी का प्रेशर कम हो गया है। लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। हरिपुर लच्छी गांव की योजना को भी पूरी दिखाया गया है। अभी तक गांव में पेयजल लाइनें नहीं बिछाई गई हैं।
लोगों से बातचीत-
गांव में लंबे समय से पानी की समस्या है। जेजेएम के तहत कार्य तो शुरू हुआ लेकिन उसे बिना पूरा किए ही विभाग ने कार्य पूरा होने का बोर्ड लगा दिया है। डीएम से लेकर कमिश्नर तक से शिकायत कर दी गई है। अभी तक कोई हल नहीं निकला है। लोग पानी के लिए परेशान हैं।
गांव में जेजेएम की योजना से पेयजल समस्या का समाधान होना था, लेकिन कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। सड़कें खुदी पड़ी हैं। लोगों को परेशानी हो रही है। कई जगह अभी तक विभाग ने बॉल्व भी नहीं लगाए हैं।
- मुकेश, पूर्व प्रधान, बमेठा बंगर खीमा
विभाग ने न तो गांव में अब तक पेयजल कनेक्शन दिए हैं, न ही अभी तक पेयजल ट्यूबवेल शुरू हुआ है। डीएम से लेकर विभागीय अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद भी योजना की कोई सुध नहीं ली जा रही है।
बमेठा बंगर खीमा, केशवदत्त, राधाबंगर और हरिपुरबच्ची सीफा में अभी तक पेयजल लाइन पूरी तरह नहीं बिछ पाई है। अभी कनेक्शन होने भी बाकी है। सड़कें एक साल से खुदी पड़ी है। लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहा है।
-सुरेश शर्मा, इंदिरा आवास कॉलोनी
पेयजल योजना के बोर्ड पर कार्य शुरू होने और पूर्ण होने की तारीख अनुबंध की तारीख के आधार पर लिखी गई है। लेकिन ठेकेदारों की ओर से कार्य समय पर पूरा नहीं किया जा सका। नलकूप संचालन के लिए बिजली की सप्लाई लाइन नहीं मिल पाने के कारण भी योजना के कार्य समय को बढ़ाया गया है। ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाकर कार्य को समय पर पूरा कराने की कार्रवाई की जा रही है। दिसंबर तक योजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा।