उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राजकीय शिक्षक संघ के चुनाव को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद 19 जुलाई 2026 को घोषित चुनाव परिणाम के आधार पर आगे की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार याचिकाकर्ता मुराद शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि राजकीय शिक्षक संघ शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों का मान्यता प्राप्त संगठन है। संघ के उपनियमों के अनुसार 31 जुलाई तक सदस्य बनने वाला व्यक्ति चुनाव में भाग लेकर मतदान कर सकता है, लेकिन इस मामले में चुनाव 17 और 18 जुलाई को ही करा दिए गए। राज्य की ओर से आपत्ति जताई गई कि राजकीय शिक्षक संघ सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत है।
हालांकि याचिकाकर्ता ने इस दावे का विरोध करते हुए कहा कि संघ उक्त अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं है। कोर्ट ने निजी प्रतिवादियों को 24 घंटे के भीतर नोटिस की तामील करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर 2026 की तिथि नियत की है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि अगली तारीख तक 19 जुलाई 2026 को घोषित चुनाव परिणाम के आधार पर कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि संघ के सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत न होने संबंधी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का कथन गलत पाया गया, तो याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया जाएगा।