उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एनएचएम के तहत देहरादून और हरिद्वार के अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में कार्यरत आठ एमबीबीएस डॉक्टरों के 75% बकाया वेतन का 10 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश देहरादून के नगर आयुक्त को दिया है।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नेशनल हेल्थ मिशन के तहत देहरादून और हरिद्वार के अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में सेवाएं दे चुके आठ एमबीबीएस डॉक्टरों के रुके हुए वेतन का 75 फीसदी भुगतान 10 दिन के भीतर किए जाने के निर्देश नगर आयुक्त देहरादून को दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई।
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कोर्ट के आदेश के अनुसार, डॉक्टरों के कुल बकाया वेतन का 75 प्रतिशत हिस्सा अगले 10 दिनों के भीतर और शेष 25 प्रतिशत राशि 4 सप्ताह के भीतर हर हाल में जारी करनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने डॉक्टरों को आवश्यक कागजी औपचारिकताएं और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए एक सप्ताह का समय देते हुए याचिका को पूरी तरह निस्तारित कर दिया।
मामले के अनुसार डॉ. ऋषि मुद्गल सहित 7 अन्य युवा डॉक्टरों ने निजी क्षेत्र के बेहतर मौकों को छोड़कर जनस्वास्थ्य सेवा के लिए एन एच एम योजना के तहत काम शुरू किया था। रोजाना लगभग 70 मरीजों का इलाज करने वाले इन डॉक्टरों का मार्च के बाद से वेतन अचानक रोक दिया गया था। आर्थिक तंगी और समय पर वेतन न मिलने के कारण डॉक्टरों को एक-एक कर नौकरी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद अप्रैल से अगस्त तक का उनका वेतन नहीं मिला।