राष्ट्रीय खेलों के इतिहास में उत्तराखंड की फुटबाल टीम ने पहली बार फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में जीत-हार चाहे जिसकी हो लेकिन एक बात तो तय है प्रदेश में अब फुटबाल का चमकना तय है। मैदान पर उमड़ रही दर्शकों की भीड़ देखकर फुटबाल खिलाड़ी से लेकर एसोसिएशन तक के लोग आशान्वित हैं कि उत्तराखंड में फुटबाल का स्वर्णिम युग लौटेगा।
उत्तराखंड फुटबाल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देवेंद्र बिष्ट टीम की सफलता से काफी उत्साहित हैं। शुक्रवार को उत्तराखंड और केरल के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले पर जब उनसे बात की तो वह बोले, मैच का नतीजा चाहे कुछ भी हो लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया और इस खेल के प्रति उनका प्यार देखकर लगने लगा है कि फुटबाल के स्वर्णिम दिन लौटेंगे। एक जमाने में प्रदेश ने एक से बढ़कर एक खिलाड़ी दिए हैं जो राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक चमके हैं। इनमें श्याम थापा, अमर बहादुरु गुरुंग और भूपेंद्र रावत का नाम शामिल है।
फुटबाल के दिग्गज पेले के साथ श्याम बहादुर थापा ने मैदान तक शेयर किया है। यह बात कौन भूल सकता है। एशियन गेम्स से लेकर ओलंपिक तक में प्रदेश के खिलाड़ी शामिल रहे हैं। हालांकि एक दौर ऐसा भी आया जब फुटबाल पिथौरागढ़ और देहरादून तक सीमित होकर रह गई। लेकिन प्रदेश की टीम ने राष्ट्रीय खेलों में मेजबान होने की वजह से मिलें मौके को जाया नहीं होने दिया और फाइनल तक का सफर तय करके नई पीढ़ी के समक्ष एक उम्मीद की लौ जगा दी है। हम चाहेंगे कि उत्तराखंड की टीम जीते और ज्यादा से ज्यादा बच्चे और युवा इस खेल में आगे आएं।