हल्द्वानी। गौला खनन निजीकरण मामले में अर्द्धनग्न होकर एसडीएम कोर्ट में प्रदर्शन करने और नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाने पर कोतवाली पुलिस ने गौला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश जोशी, उपाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट और कई अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है।
गौला नदी में खनन के निजीकरण के विरोध में 18 दिसंबर को गौला संघर्ष समिति से जुड़े खनन व्यापारियों ने बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक रैली निकालकर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया था। खनन से जुड़े लोग और वाहनस्वामी रैली निकालकर एसडीएम कोर्ट पहुंचे थे जिससे नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लग गया था। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से कोतवाली को पत्र भेजकर राजकीय कार्य को बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। अब पुलिस ने मामले में अध्यक्ष रमेश जोशी और उपाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा डालने, बिना अनुमति रैली निकालने और हाइवे जाम करने पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी भी गई। इससे परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया था और न्यायालय परिसर में आए लोगों और महिला कर्मचारियों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था।
प्रशासन कर रहा उत्पीड़न, आज भी निकालेंगे रैली
समिति के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि वह संघर्ष जारी रखेंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि वह राज्य आंदोलनकारी रहे हैं। कहा कि राज्य में अपने हक के लिए आवाज उठाने पर प्रशासन की ओर से उत्पीड़न किया जा रहा है। हम अपनी मांगों को लेकर लड़ाई जारी रखेंगे। सोमवार को भी बुद्ध पार्क में बैठक कर रैली निकाली जाएगी।
नीतिगत मामलों में लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताने का सभी को अधिकार है लेकिन इसकी आड़ में अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उस दिन जिस तरह से बिना अनुमति के रैली निकालने के साथ अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया गया था, वह उचित नहीं था। सोमवार के लिए भी रैली के लिए अनुमति मांगी गई थी लेकिन पुलिस ने पूर्व में हुई घटना और पर्यटन सीजन को देखते हुए रैली की अनुमति नहीं दी है। इस कारण सिर्फ धरनास्थल पर बैठक करने की ही अनुमति दी गई है।
रिचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट