हल्द्वानी। सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज के 659 कर्मचारियों को मार्च से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों को उधारी में जीवन यापन करना पड़ रहा है। ये सभी कर्मचारी ऑपरेशन थिएटर, लिपिकीय, वार्ड समेत कई जगह पर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। अब तक सरकार पर कर्मचारियों के वेतन का भार 10 करोड़ तक पहुंच गया है। 15 से 20 साल से सेवाएं देते आ रहे उपनल कर्मियों का वेतन शासन स्तर से रोक दिया गया था। कहा गया कि जो भी भर्तियां हुई हैं, वह पूरी तरह से गलत हैं। इसके बाद उपनल कर्मियों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया। शासन ने पदों का सृजन होने के बाद ही वेतन आहरित करने की बात कही थी लेकिन पांच माह बीतने के बाद भी समस्या जस की तस है। उपनल कर्मी नीरज हेड़िया ने बताया कि कर्मचारी बेहद परेशान हैं और गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
कर्मचारियों के वेतन की मांग के लिए दो-तीन बाद देहरादून हो आए हैं। शासन से कहा जा रहा है कि जब पद ही स्वीकृत नहीं थे तो पहले से वेतन क्यों दिया जा रहा था। फिलहाल इस मामले में कई दौर की बातचीत के बाद पांच महीने के वेतन को पुनर्नियोजन मद में डाला गया है। मामला वित्त विभाग के पास है। अंतिम कार्रवाई चल रही है। जल्द वेतन मिलने की उम्मीद है। - डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य