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धर्म और विकास के समागम से हर वर्ग को जोड़ गए योगी

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टनकपुर के गांधी मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। संवाद ? - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। ये दुर्लभ मौका था। नेपाल सीमा से लगे छोटे से शहर टनकपुर में दो मुख्यमंत्री एक मंच पर एक साथ थे। राजनीतिक रूप से सबसे ताकतवर सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नवंबर 2000 में उप्र से अलग होकर बने उत्तराखंड राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी एक साथ आए। चुनावी सभा में योगी ने धर्म और विकास के समागम से हर वर्ग को जोड़ने की कोशिश की।
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योगी ने मां पूर्णागिरि दरबार, बाबा गोरखनाथ धाम, इंसाफ के देव गोल्ज्यू, गुरुनानक के चरण रज से पवित्र हुई रीठा साहिब की धरती, ब्यानधूरा धाम सहित देवभूमि उत्तराखंड के धर्म स्थलों का उल्लेख कर आम लोगों से सीधा जुड़ाव किया। धर्म से पर्यटन को विस्तार देने के साथ ही योगी ने विकास की राजनीति पर सबसे ज्यादा जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 15 बार नाम लेकर विकास की राजनीति की लकीर को लंबा किया। इस विकास में उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड की संयुक्त विकास यात्रा का उल्लेख किया।
अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाकर बुलडोजर बाबा के नाम से मशहूर योगी बाबा ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक साथ चलने और परिसंपत्तियों के बंटवारे में संवाद से समाधान निकालने पर जोर दिया। योगी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की सहज और सरल कार्यशैली की प्रशंसा की। कहा कि लोगों का दिल जीत रहे धामी नवोन्मेषी और नए तरीके से काम कर प्रदेश को विकास की नई इबारत लिख रहे हैं।
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बुलडोजर रैली निकाल किया योगी के अतिक्रमण विरोधी अभियान का स्वागत
टनकपुर (चंपावत)। अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ उत्तर प्रदेश में बुलडोजर से हो रही कार्रवाई का यहां के लोगों ने स्वागत किया। इसके लिए लोगों ने बुलडोजर रैली निकाल अभिनंदन किया। भाजपा के झंडों के साथ निकाली गई इस रैली में 15 से अधिक बुलडोजर शामिल थे। कई बुलडोजर में बड़ी संख्या में लोग भी सवार थे। बाद में हुई चुनावी सभा में खुद उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगर जन हित में जरूरी हुआ तो बुलडोजर बाबा की तर्ज पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान चलाने से सरकार हिचकेगी नहीं।
खटीमा नहीं आने का अफसोस है...
टनकपुर (चंपावत)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फरवरी में हुए विधानसभा के आम चुनाव में प्रचार के लिए खटीमा नहीं आने का अफसोस है। कहा कि उनका खटीमा का कार्यक्रम था लेकिन एन मौके पर कार्यक्रम बदल गया और वे यहां आने से चूक गए। खटीमा सीट के प्रत्याशी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चुनाव नतीजा आने के बाद ये अफसोस बढ़ गया। धामी के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार दूसरी बार दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल की लेकिन वे खुद हार गए। योगी ने पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता को नमन किया। कहा कि इसके बावजूद धामी की काबिलियत को परख उन्हें फिर से सरकार के नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई। योगी ने धामी के लिए चंपावत की सीट छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी का दो बार अभिनंदन किया। कहा कि गहतोड़ी ने चंपावत के विकास की खातिर अपनी सीट छोड़ मुख्यमंत्री धामी को यहां से चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित कर त्याग का उदाहरण पेश किया है।
देश को अभिभूत कर रहे हैं चार धाम
टनकपुर (चंपावत)। योगी ने कहा कि उत्तराखंड के पास देश को अभिभूत करने वाले धर्म स्थल है। यहां चार धाम (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) जैसे धर्म स्थल हैं जो पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ा रोजगार और कारोबार को भी ऊंचाई दे रहे हैं।
पहले मतदान फिर जलपान
टनकपुर (चंपावत)। योगी ने लोगों को अधिक से अधिक मतदान के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि 31 मई को लोग पहले मतदान करें, फिर जलपान। लोग अगर उनकी बात से सहमत हैं, तो हाथ उठाएं। उनके इस आह्वान पर लोगों ने उनकी बात से रजामंदी जताई।
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