हल्द्वानी। बजट प्रबंधन पर नगर निगम को मंगलवार को होने वाली बोर्ड बैठक में सवालों का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम ने 2021-22 के जो आंकडे़ पेश किए हैं उनमें आय से अधिक व्यय दर्शाया गया है और अतिरिक्त व्यय को पूरी तरह से स्पष्ट नहीं किया गया है। इसके साथ ही 22-23 के प्रस्तावित बजट में पिछले बजट की तुलना में आय करीब दोगुनी अनुमानित की है। एक ही साल में अपनी आय को निगम किस तरीके से दोगुना कर रहा है, इसका जवाब भी निगम को देना पड़ सकता है।
नगर निगम की ओर से जो बजट मंगलवार को बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा, उसमें एक अप्रैल को प्रारंभिक अवशेष 3.14 करोड़ रुपये दिखाया गया है। अब नगर निगम की 2021-22 की आय पर नजर डाली जाए तो निगम कोे राज्य वित्त, 14वां/15वां वित्त आयोग सहित सभी मदों से 61.93 करोड़ की आय हुई। इसी वित्त वर्ष में निगम ने 78.75 करोड़ रुपये व्यय किए। इस हिसाब से निगम ने आय से 16.82 करोड़ रुपया अधिक खर्च किया। ये अतिरिक्त बजट कहां से आया? इसे 2022-23 के बजट में भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
वर्ष 2021-22 के बजट में निगम को 16.82 करोड़ रुपये की हानि हुई। अब नगर निगम 2022-23 का जो बजट पेश करने जा रहा है, उसमें निगम की आय करीब दोगुनी अनुमानित की गई है।
कैसे होगी आय दोगुनी
हल्द्वानी। नगर निगम के हाथ कोई जादू की छड़ी नहीं लगी है। निगम ने जो बजट 2022-23 के लिए प्रस्तावित किया है उसमें 1.25 अरब की आय दिखाई है। निगम ने भवन कर में 105 प्रतिशत, स्वच्छता कर में 135 प्रतिशत, दुकान किराये में 46 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई है जबकि निगम ने भवन कर और स्वच्छता कर पहले ही बढ़ा दिया है। अब इसे तीन साल तक नहीं बढ़ाया जा सकता है। बजट में तहबाजारी दो करोड़, राज्य वित्त से 45 करोड़, स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इक्सपेंडिचर से 18 करोड़ रुपये की आय दिखाई है।
निगम का पेट्रोल पंप भी 49 लाख रुपये के घाटे में
हल्द्वानी। नगर निगम के 2021-22 के आंकड़ों पर नजर डालें तो निगम ने इस वित्तीय वर्ष में 4.14 करोड़ रुपये की आय दिखाई है। साथ ही डीजल-पेट्रोल क्रय पर व्यय 4.63 करोड़ रुपये दर्शाया है। इस हिसाब से निगम को पेट्रोल पंप से 49 लाख रुपये की हानि हुई।
पार्षद धीरेंद्र रावत बोले, बजट को बड़ा दिखाने के लिए खेला जा रहा है आंकड़ों का खेल
वित्तीय वर्ष पूरा होने के चार महीने शेष, बोले बिना बजट पास किए कैसे हो गया खर्च
माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले बजट सवालों के घेरे में आ गया है। भाजपा पार्षद धीरेंद्र रावत ने आरोप लगाए हैं कि बजट में आंकड़ों का खेल करके बजट को बड़ा बनाया गया है। संविधान के हिसाब से बजट पास होने के बाद ही राशि खर्च की जानी चाहिए। निगम ने करोड़ों रुपये का बजट बिना बोर्ड में पास कराए खर्च करा दिया।
धीरेंद्र रावत ने कहा कि बजट में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन निगम ने आंकड़ेबाजी कर इस बजट को दोगुना कर दिया। निगम 1.25 अरब का बजट पेश करने जा रहा है। कहा कि इतनी आय निगम को इस वित्तीय वर्ष में हो ही नहीं सकती जबकि अगले वित्तीय वर्ष आने में मात्र चार महीने शेष हैं।
धीरेंद्र रावत ने कहा कि संविधान के हिसाब से बजट वित्तीय वर्ष से पहले आना चाहिए। किसी कारण बजट नहीं आता है तो निगम को लेखानुदान लाना चाहिए था। निगम ने योजनाओं, वेतन सहित अन्य करोड़ों रुपये का खर्च बिना बजट पास कराए कर दिया। ये पूरा असांविधानिक है।
नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय का कहना है कि बोर्ड में बजट पेश होने से पहले कोई आधिकारिक टिप्पणी करना ठीक नहीं है। मंगलवार को बोर्ड बैठक होगी। उसमें बजट पेश किया गया। उसके बाद जानकारी ली जा सकती है।