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बेरोजगारी से मुफलिसी में जी रहे युवक ने होटल में लगाई फांसी

Sun, 01 Oct 2017 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो 
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सुसाइड - फोटो : demo
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मर्चेंट नेवी में काम कर चुके युवक ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर होटल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। दो साल पहले कंपनी से काम छूटने के बाद वह बेरोजगार था। ऐसा भी कहा जा रहा है कि खर्च चलाने के लिए उसने अपनी एक किडनी भी बेच दी थी।
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 अल्मोड़ा जिले के मल्ला किराला निवासी हरीश चंद्र सिंह बिष्ट (30) पुत्र भगवत सिंह बिष्ट 26 सितंबर को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर भोलानाथ गार्डन स्थित अशोक होटल में आया था। यहां उसने कमरा नंबर 38 बुक कराया था। शनिवार की दोपहर उसे कमरा खाली करना था।

दोपहर 12 बजे के बाद तक कमरा बंद रहने पर होटल के कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाया मगर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कर्मचारियों ने इस बारे में होटल मालिक मुकेश कुमार अग्रवाल को जानकारी दी तो तुरंत पुलिस बुला ली गई। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा।
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हरीश का शव पंखे पर लटका मिला। कोतवाल केआर पांडे और हीरानगर चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने उसके कागजातों की छानबीन की। पता चला कि हरीश ने केंद्रीय विद्यालय से इंटरमीडिएट किया है। मर्चेंट नेवी में भर्ती होने के बाद उसने कुवैत और अन्य खाड़ी देशों की यात्रा की है।

पुलिस ने हरीश के मोबाइल से मुंबई में रहने वाली उसकी बहन माया से बात की। माया ने बिठौरिया नंबर एक मेें कमरा लेकर रहने वाले बड़े भाई फौजी प्रकाश सिंह बिष्ट को इस बारे में बताया। वह भी होटल पहुंच गए। प्रकाश ने बताया कि एक दिन पहले ही उसके खाते में छह हजार रुपये डाले थे। जेब की तलाश लेने पर उसके पास दो-दो रुपये के दो सिक्कों के अलावा पैसा नहीं मिला।

पुलिस के अनुसार हरीश ने 2015 में मर्चेंट नेवी में काम किया था लेकिन काम छूटने पर वह बेरोजगार हो गया था। वह सेवानिवृत्त फौजी पिता से भी पैसा ले लेता था। नौकरी जाने के बाद भी उसने अपने शौक में कमी नहीं की थी।

वीडियो कालिंग ने खोले राज

पुलिस ने हरीश के मोबाइल की जांच की तो पता चला कि मुंबई में रहने वाली बहन से उसने वीडियो कालिंग के माध्यम से बातचीत की है। उसने आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए अपनी बहन से पैसा मांगा था। बड़े भाई का कहना है कि उसने सीधे तौर पर कभी आर्थिक तंगी का जिक्र नहीं किया।
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यदि पैसे की मांग करता तो वह उसने और खर्च देने के लिए तैयार था। पता चला कि हरीश के दोस्त कन्नू ने भी पैसे देने से हाथ खड़े कर दिए थे। 
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