सरकारी महकमा कब्जेदारों के आगे नतमस्तक है। कब्जेदार सड़क के अलावा फुटपाथ को जमकर ‘लूट’ रहे हैं। कहने को तो बीच-बीच में अतिक्रमण विरोधी अभियान भी चले, लेकिन कोई फर्क पड़ता हो ऐसा कम ही लग रहा है। स्थिति यह है कि दो नहरिया इलाके में जहां पर नहर कवर कर सड़क और फुटपाथ बनाया गया था, वहां पर लोगों ने जनरेटर तक ठोंक कब्जा कर लिया है। इसके अलावा धड़ल्ले से वाहन पार्किंग भी कर रहे हैं।
कालटैक्स से लेकर एसटीएच के पास तक नहर कवर हुई है। इस इलाके में ही बताया जाता है कि जमीन के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा देखते-देखते व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुल गए। अब इन दुकानदारों और लोगों के लिए बने फुटपाथ और चौड़ी सड़क कब्जे के सबसे सरल साधन बन गए हैं। दो नहरिया में अस्थायी कब्जा तो दूर की बात धड़ल्ले से जनरेटर ठोंक स्थायी कब्जा कर लिया गया। जो जगह बची है उसमें कार पार्किंग कर ली।
मुखानी से जज फार्म चौराहे की तरफ आने लगे तो पूरे रास्ते में फुटपाथ से बिल्कुल सटाकर निर्माण किया जा रहा है, खुलने वाली दुकानों के वाहन कहां पर खड़े होंगे, इसे देखने की फुर्सत संबंधित विभागों के पास नहीं है। इसी तरह आईटीआई रोड पर ही कब्जा कर लिया गया है। जिनकी संख्या बीते समय में लगातार बढ़ी है। जबकि लोनिवि और प्रशासन दोनों ने ही इस सड़क को चौड़ा करने की योजना बनाई है। सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह का कहना है कि सरकारी संपत्ति पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां पर भी ऐसे कब्जे हैं, उनको बलपूर्वक हटाने के साथ कब्जेदार पर कार्रवाई की जाएगी।