हल्द्वानी। एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट होने और उन्हें मातृ शोक होने के चलते सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में नौ मार्च से अल्ट्रासाउंड ठप है। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए बेस अस्पताल या निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही हैं। चर्चा है कि अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था निजी हाथों में जाने से सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
एसटीएच में दो हजार लोग हर रोज इलाज के लिए पहुंचते हैं, इनमें 40 से अधिक मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचते हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट के सहारे चल रहा अल्ट्रासाउंड का कक्ष नौ मार्च से बंद है। ऐसी स्थिति में मरीजों के लिए निजी अस्पतालों की ओर जाने के अलावा कोई चारा नहीं है। सबसे ज्यादा प्रभावित गर्भवती हो रही हैं।
अस्पताल प्रशासन की ओर से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए कई बार इंटरव्यू किए गए, लेकिन रेडियोलॉजी विभाग में पदों की संख्या नहीं बढ़ पाई। एक ही रेडियोलॉजिस्ट पर अतिरिक्त भार भी पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज अब निजी एजेंसी से रेडियोलॉजी विभाग को चलाना चाहता है। इस बीच अस्पताल में अवकाश के चलते एजेंसी से बातचीत नहीं हो सकी है। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि जल्द ही इस बारे में निर्णय ले लिया जाएगा।