जिला स्तर पर चुनाव आयोग की सख्ती को पलीता लगाया जा रहा है। हालत यह है कि उक्रांद के जिला प्रवक्ता को ही पीठासीन अधिकारी बना दिया गया है।
चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि राजनीतिक दलों से सीधे तौर पर जुड़े कार्मिकों और अधिकारियों की किसी भी दशा में चुनाव में तैनाती न की जाए। लेकिन राजनीतिक दलों से प्रत्यक्ष तौर से जुड़े कार्मिकों को मतदान अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। इतना ही नहीं उन्हें दूसरे चरण के 5 से 7 फरवरी तक होने वाले चुनाव प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी शामिल किया गया।
उक्रांद के केंद्रीय सदस्य व पार्टी के जिला प्रवक्ता कमलेश चंद्र पांडे वर्तमान में नैनीताल शहर के सीआरएसटी इंटर कालेज में जीव विज्ञान प्रवक्ता हैं। उन्हें पीठासीन अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है, इतना ही नहीं उन्हें भी 6 फरवरी को हल्द्वानी में होने जा रहे द्वितीय चरण के प्रशिक्षण के लिए हल्द्वानी में बुलाया गया है।
मामले में जब पांडे से बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनको 6 फरवरी को प्रशिक्षण के लिए हल्द्वानी बुलाया गया है। पांडे ने कहा कि पीठासीन अधिकारी बनने से पहले उन्होंने जिले के चुनाव के नोडल अधिकारी कार्मिक प्रकाश चंद्र को प्रार्थना पत्र के माध्यम से 21 जनवरी को ही जानकारी मुहैया करा दी थी। लेकिन नोडल अधिकारी ने उन्हें चुनाव दायित्व से मुक्त न करने के निर्देश दिए। इन सब के बावजूद उन्होंने स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी को जानकारी भी दे दी है। इस संबंध में विधानसभा निर्वाचन के नोडल अधिकारी प्रकाश चंद्र से फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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