नैनीताल हाईकोर्ट ने ड्राइविंग टेस्ट भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और कथित अनियमितताओं के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अंतिम चयन पर रोक लगाते हुए साफ किया है कि इस बीच यदि कोई चयन प्रक्रिया या नियुक्ति होती है तो वह याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगीन्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार महेश चंद्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि ड्राइविंग टेस्ट के अंक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए गए हैं। भर्ती में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है और मनमाने तरीके से अपने चहते उम्मीदवारों को अंक बांटे गए हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से उम्मीदवारों के रिकॉर्ड को तलब करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह आगामी 27 अक्टूबर 2026 को सीरियल नंबर 144 और 234 पर मौजूद दो उम्मीदवारों के मूल दस्तावेज कोर्ट के समक्ष पेश करे। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि पर ड्राइविंग टेस्ट से जुड़े सभी दस्तावेज और संपूर्ण रिकॉर्ड न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए कहा है। कोर्ट ने अंतिम चयन पर रोक लगाते हुए साफ किया है कि इस बीच यदि कोई चयन प्रक्रिया या नियुक्ति होती है तो वह याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर 2026 की तिथि नियत की है।