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Uttarakhand: सिमलिया में दो बाघों की संदिग्ध हालात में मौत, मौत की वजह आपसी संघर्ष मान रहा वन विभाग

Sun, 26 Jul 2026 11:31 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

सिमलिया में शनिवार की देर रात दो बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दो टाईगर की मौत के बाद से वन विभाग में खलबली है।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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हल्द्वानी डिवीजन के अंतर्गत छकता रेंज के सिमलिया में शनिवार की देर रात दो बाघों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दो टाईगर की मौत के बाद से वन विभाग में खलबली है। वन विभाग के अधिकारी दोनों बाघों की मौत की वजह आपसी संघर्ष मान रहे हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असल कारणों का पता चल पाएगा। बाघों की मौत की वजहों पर तमाम चर्चाएं जोरों पर हैं।

छकाता रेंज के सिमलिया के ग्रामीणों ने रविवार सुबह वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर बताया कि क्षेत्र में दो बाघों के शव पड़े हैं। ग्रामीणों की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी मनीष कुमार समेत आला अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि शनिवार की रात बाघों की दहाड़ की आवाज सुनाई दे रही थी। लोगों ने कहा कि काफी देर बाद आवाज बंद हो गई। शनिवार की सुबह दोनों के शव जंगल में मिले। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों नर बाघों के शव कब्जे में लिए। डॉक्टरों की टीम ने नर बाघों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई। साथ ही घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी। टीम ने डीएनए सैंपल भी जांच के लिए भेजा है। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का मौहाल है।

जहर और फंदा लगने से भी मौत की आशंका

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सिमलिया गांव में दो बाघों की मौत के बाद से कई सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ लोग बाघों की मौत की वजह जहर खाकर या फंदा लगाकर होने का अंदेशा जता रहे हैं। हालांकि वन विभाग के अधिकारी दोनों नर बाघों की मौत का अंदेशा आपसी संघर्ष में होना मान रहे हैं।

 

बाघों की बढ़ती संख्या बढ़ा रही संघर्षमैदानी इलाकों में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते उम्रदराज बाघों को आसानी से भोजन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में युवा और उम्रदराज बाघों में आपसी संघर्ष देखने को मिल रहा है। शिकार करने में असमर्थ उम्रदराज बाघ भोजन की तलाश में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। नौकुचियाताल, सातताल, भीमताल, ओखलकांडा और धारी क्षेत्र के जंगलों में भी बाघों का मूवमेंट पिछले वर्षों में बढ़ गया है। छकाता रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि सिमलिया के ग्रामीणों ने अनुसार देर रात बाघ की दहाड़ की आवाज आ रही थी। इससे ग्रामीण रात भर दहशत में रहे। उन्होंने बताया कि दोनों नर बाघों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का पता चल पाएगा।

एक नर बाघ तीन से चार और दूसरा चार से पांच साल का है। दोनों के शव एक दूसरे से 20 मीटर की दूरी पर मिले। एक बाघ के गर्दन के पास घाव है जबकि दूसरे के कमर आसपास जख्म है। ऐसे में प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष में ही मौत की आशंका जताई जा रही है। - कुंदन कुमार, डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग

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