हल्द्वानी। गौला नदी में बुधवार को फंसे दो हजार वाहन बृहस्पतिवार को भी नहीं निकल सके। बारिश से अगर नदी में पानी आया तो कई वाहनों को खतरा हो सकता है। उधर, वन विकास निगम के डीएलएम ने खान विभाग के अधिकारियों पर मामले का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया है।
डीएलएम वाईके श्रीवास्तव ने बताया कि वन विकास निगम के जीएम और खान विभाग के डायरेक्टर के बीच बुधवार रात वार्ता हुई थी। इसके बाद खान विभाग ने 15 दिन ई-रवन्ना पोर्टल की व्यवस्था पूर्व की तरह रखने पर सहमति दी थी। लेकिन खान विभाग ने पूर्व की व्यवस्था लागू नहीं की। इससे बुधवार को गौला नदी में ही गाड़ियां फंसी रह गईं।
डीएलएम वाई के श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि ई-रवन्ना पोर्टल से एक ई-रवन्ना निकलने में तीन से चार मिनट लग रहे हैं। एक ई-रवन्ना की आईडी एक ही कंप्यूटर में चल रही है। इस कारण बृहस्पतिवार को भी दो हजार वाहन गौला नदी से नहीं निकल पाए। उन्होंने कहा कि खान विभाग के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। उधर, खान अधिकारी रवि नेगी ने कहा कि ई-रवन्ना पोर्टल सही चल रहा है।
शुक्रवार को सभी गौला निकासी गेट रहेंगे बंद
वन विकास निगम के डीएलएम वाई के श्रीवास्तव ने बताया कि गौला नदी से निकासी नहीं होने के कारण वन विकास निगम को तीन दिन में 4.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि खान विभाग की ओर से पुरानी व्यवस्था लागू नहीं की गई है। इस कारण गौला के सभी निकासी गेट शुक्रवार को भी पूर्णतया बंद रहेंगे।
गौला वाहन स्वामियों ने किया प्रदर्शन
गौला संघर्ष समिति ने इंदिरानगर खनन गेट पर खान और वन विकास निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के सचिव पम्मी सैफी ने कहा कि बारिश के कारण नदी में पानी आया तो इससे वाहनों को नुकसान होगा। कहा कि अगर कोई जनहानि या वाहनों को नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी वन विकास निगम की होगी।