नैनीताल। रूस-यूक्रेन के बीच नौ माह से चल रहे युद्ध के समाचार से भले ही लोगों के जहन में यूक्रेन को लेकर बर्बादी की तस्वीर उभरती है लेकिन इसके इतर मेडिकल की पढ़ाई के लिए नैनीताल से फिर यूक्रेन पहुंचे युवाओं ने वहां नियमित पढ़ाई शुरू दी है। इससे मेडिकल के इन विद्यार्थियों में अब सुरक्षित भविष्य को लेकर उम्मीद की किरण जगी है।
यूक्रेन के इवानों शहर स्थित मेडिकल कॉलेज में चौथे वर्ष की छात्रा मल्लीताल बाजार निवासी प्रेरणा बिष्ट फरवरी में प्रतिकूल हुए हालात के बाद मार्च में यहां लौट आई थीं। कुछ समय बाद उनकी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई थी। बीते 18 नवंबर को वह यूक्रेन रवाना हो गई हैं। पिता प्रेम सिंह ने बताया कि बेटी वहां सुरक्षित हैं और पढ़ाई कर रही हैं।
मल्लीताल स्थित मनकापुर निवासी राहुल रावत वोकोवेनिया मेडिकल स्टेट यूनिवर्सिटी चरनोविस्टी में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं। वह मार्च से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। पिता प्रह्लाद ने बताया कि राहुल 19 अक्तूबर को यूक्रेन रवाना हो गया था। राहुल नियमित रूप से ऑफलाइन पढ़ाई कर रहा है। बेटे से बातचीत हो रही है।
संवेदनशील खारकीव क्षेत्र में मेडिकल की पढ़ाई कर रही चतुर्थ वर्ष की छात्रा आयुषी जोशी का कहना है कि उनके कॉलेज से संबंधित शहर के हालात अभी नहीं सुधरे हैं, इसलिए उन्हें बुलावा नहीं आया है। हालांकि वह नियमित रूप से ऑनलाइन पढ़ाई कर रही हैं। प्रयोगात्मक के लिए वीडियो आदि भेजे जाते हैं। पढ़ाई के बावजूद भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है लेकिन कुछ लोगों की वापसी से भविष्य में सुरक्षा की आशाएं जगी हैं। अधर में फंसे विद्यार्थियों के लिए देश की सरकार को भी सोचना चाहिए।
पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल की पुत्री उर्वशी जंतवाल पहले वर्ष की छात्रा थीं। उर्वशी ने यूक्रेन में मुश्किल हालात के बाद मेडिकल की पढ़ाई छोड़ दी है। वह अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
प्रेरणा बिष्ट- फोटो : NAINITAL
राहुल रावत- फोटो : NAINITAL