नैनीताल। अपर जिला न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) संजीव कुमार की अदालत ने स्मैक तस्करी के एक मामले में समीर अहमद और रिजवान को दोषी करार देते हुए पांच- पांच साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को 6-6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
बनभूलपुरा थाना पुलिस ने जनवरी 2019 में समीर अहमद के कब्जे से 28 ग्राम और रिजवान के कब्जे से 10 ग्राम स्मैक बरामद की थी। दोनों से छोटे-छोटे कागज के टुकड़े भी मिले जिससे यह साबित हुआ कि वह स्मैक बेचते थे। यह मात्रा मध्यम मात्रा से काफी अधिक थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि दोषी समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और युवाओं को शारीरिक रूप से कमजोर कर रहे हैं जो देश और समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। दोषियों की ओर से अदालत से कम से कम सजा देने का अनुरोध किया गया। उन्होंने कहा कि वह बहुत गरीब हैं, उनका यह पहला अपराध है और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। समीर अहमद ने यह भी कहा कि वह पेट रोग से पीड़ित है और घर में अकेला कमाने वाला सदस्य है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने माना कि यह अपराध गंभीर और समाज विरोधी है। फैसले के बाद दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया। जेल में बिताई गई अवधि को उनकी सज़ा में समायोजित किया जाएगा। संवाद