हल्द्वानी। अगर आपके घर का बिजली मीटर खराब हो गया है या आपको मीटर की जांच करानी है तो लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि कुमाऊं की चार मीटर टेस्टिंग लैब में से दो ठप पड़ी हुईं हैं।
कुमाऊं में अल्मोड़ा, रुद्रपुर, काशीपुर और हल्द्वानी में मीटर टेस्टिंग लैब हैं। काशीपुर की लैब पांच माह से ठप पड़ी है, जबकि हल्द्वानी स्थित मीटर टेस्टिंग लैब दो माह से ठप है। हल्द्वानी लैब के करंट ट्रांसफार्मर में तकनीकी खामी आ गई है। इस लैब में एक बार में छह मीटरों की जांच होती है। एक दिन में लगभग 15 से 20 मीटरों की जांच होती है जबकि एक माह में 50 से 80 मीटरों की जांच होती है। काशीपुर लैब में भी इतने ही मीटरों की जांच एक माह में होती है। लंबे समय से लैब ठप होने के कारण लगभग दो सौ मीटरों की जांच अटकी हुई है।
काशीपुर और हल्द्वानी की मीटर टेस्टिंग लैब के उपकरण में तकनीकी खामी आई है। सभी उपकरण अभी वारंटी में हैं, इसलिए कंपनी को पत्र लिखा है। कंपनी के अधिकारी आने में आनाकानी कर रहे हैं। दोबारा फिर पत्र लिखा गया है और शीघ्र आने की बात कही है। - अतुल सिंह गर्ब्याल, मुख्य अभियंता कुमाऊं
परीक्षण के लिए अल्मोड़ा भेजे जा रहे हैं मीटर
हल्द्वानी। मुख्य अभियंता कुमाऊं अतुल सिंह गर्ब्याल ने बताया कि काशीपुर और हल्द्वानी की मीटर टेस्टिंग लैब में तकनीकी खराबी आने के कारण मीटरों को परीक्षण के लिए अल्मोड़ा भेजा जा रहा है। अल्मोड़ा में तीनों स्थानों के मीटरों की जांच किए जाने के कारण वहां भी लोड बढ़ गया है। पिथौरागढ़ और चंपावत में मीटर टेस्टिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। रुद्रपुर के अधीक्षण अभियंता नवीन मिश्रा ने बताया कि रुद्रपुर की मीटर टेस्टिंग लैब काम कर रही है और यहां मीटरों की जांच हो रही है।
सोलर पावरप्लांट योजना भी अटकी
हल्द्वानी। उरेडा और ऊर्जा निगम की ओर से संचालित सोलर रूफ टॉप योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों की मीटर की जांच नहीं हो पा रही है। मीटर का परीक्षण न होने के कारण योजना का लाभ मिलने में भी लाभार्थियों को समय लग रहा है।