हाथी के बच्चे हुए अधिक आक्रमक
दोनों फेरी लगाकर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। उनकी बिजली से चलने वाली स्कूटी हाथियों के झुंड से टकरा गई। टक्कर के बाद स्कूटी गिर गई और हाथियों ने उन पर हमला कर दिया। हाथियों के झुंड में बच्चे भी शामिल थे, जिससे वे अधिक आक्रामक हो गए। घटना के बाद दोनों टांडा के जंगल में पड़े मिले। जीजा जाफिर की मौके पर ही मौत हो गई थी। साले शकील को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जाफिर की टूटी पसलियां, शकील के कानों से बहा खून
मृतक जीजा की पहचान जाफिर के रूप में हुई है। हाथियों के हमले से उसकी पसलियां टूट गई थीं। साले शकील के दोनों कानों से खून बह रहा था। उसके सीने पर हाथी का पैर होने से बायां चेहरा बुरी तरह फूल गया था। उसकी बाईं आंख को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था।
इस वजह से आक्रमक हो गए हाथी के बच्चे
यह घटना देर रात उस समय हुई जब दोनों घर लौट रहे थे। हाथियों का झुंड, जिसमें बच्चे भी थे, अचानक हमलावर हो गए। बिजली से चलने वाली स्कूटी के टकराने से हाथी उत्तेजित हो गए थे। वन विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने की अपील की है।