मौसम विभाग की माने तो कुमाऊं मंडल मेें आने वाले दो दिन में लोगों को सचेत रहना होगा। मौसम विभाग ने 16 और 17 जुलाई के लिए भारी से भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है। मानसून का अब तक का रिकार्ड बता रहा है कि चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में सामान्य से अधिक बरसात हुई है। चंपावत और पिथौरागढ़ में सामान्य बरसात हुई है। इसके बावजूद मानसून में सबसे अधिक नुकसान पिथौरागढ़ ने ही उठाया है।
मौसम विभाग ने 14 जुलाई की शाम से 14 और 15 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी कुमाऊं मंडल के नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के लिए जारी की थी। अब मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 16 और 17 को इससे भी अधिक बारिश होगी। इसको देखते हुये मौसम विभाग ने संबंधित जिले के लोगों को बारिश केकारण भूस्खलन और अन्य तरह की आपदाओं से बचाव के लिये तैयार रहने को कहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक भारी बरसात होने की सूरत में पर्वतीय क्षेत्रों में आसपास होने वाले परिवर्तन पर भी लोगों को निगाह रखनी चाहिये। आशंका होने पर पहले से तय सुरक्षित स्थान की ओर रुख कर लेना चाहिये।
अब तक का मानसून कुमाऊं मंडल में सबसे अधिक बागेश्वर पर मेहरबान रहा है। मौसम विभाग के मकुताबिक बागेश्वर में जून के पूरे महीने और जुलाई के पहले पखवाड़े में बागेश्वर पर मेहरबान रहा। बागेश्वर में कुल मिलाकर सामान्य से अधिक 78 प्रतिशत बारिश हुई। इसी तरह नैनीताल में सामान्य से अधिक 26 प्रतिशत बरसात हुई। पिथौरागढ़ में मानसून सामान्य रहा है। सामान्य से 15 मिमी कम बरसात होने पर भी पिथौरागढ़ ने इस मानसून में नुकसान उठाया। 2013 की आपदा में भी पिथौरागढ़ में कुमाऊं मंडल में सबसे अधिक नुकसान हुआ था।