शेर नाले में सोमवार रात एक इनोवा कार बह गई। कार में सवार 10 लोगों में से आठ को पुलिस ने बचा लिया, लेकिन दो भाइयों का पता नहीं चल पाया है।
एसडीआरएफ और पुलिस ने उनकी खोजबीन की, लेकिन मंगलवार देर शाम तक दोनों का पता नहीं चल पाया था। कार सवार लोग लापता किशोर को ढूंढने के लिए सितारगंज जा रहे थे। शेर नाले में बहे युवक लापता किशोर के चचेरे भाई हैं।
छोटी रोड, इंद्रानगर निवासी फिदा अली का पुत्र आलम (15) करीब 26 दिन पहले लापता हो गया था। पुलिस को सूचना देने के बाद से परिवार के लोग भी उसे ढूंढ रहे थे। सोमवार शाम फिदा अली को किसी ने सूचना दी कि उसका बेटा बाबाओं के चक्कर में फंसकर सितारगंज की एक मजार में रह रहा है।
बेटे को ईद पर घर लाने के लिए फिदा अली परिवार के आठ लोगों को लेकर सितारगंज जाने के लिए तैयार हो गए। रात 10 बजे बारिश हो रही थी। इसके चलते सितारगंज के लिए कोई वाहन चालक चलने के लिए तैयार नहीं हुआ।
उन्होंने पड़ोसी ड्राइवर अब्दुल उर्फ सोनू को अपनी इनोवा लेकर चलने के लिए तैयार कराया। कार में चालक के अलावा फिदा अली, शहनवाज, फैजान, गुड्डू, इस्तेयाक, अतीक, अजीम, जीशान और उसका भाई रेहान सवार हो गए।
नन्धौर वैली मार्ग स्थित शेर नाले पर पहुंचते ही चालक ने कार खड़ी कर दी। इसी बीच एक बोलेरो पानी के बीच से निकल गई। बोलेरो को देखते ही कार में सवार लोगों ने चालक से चलने की जिद की। उनकी जिद पर सोनू ने तेज बहाव में कार बढ़ा दी।
बीच नाले में कार फंस गई और सवार सात लोग पानी में उतर गए। चालक भी हैंड ब्रेक लगाकर नीचे उतरा। जीशान (22) और रेहान (20) के उतरने से पहले ही कार पलटकर बहने लगी। सूचना पर चोरगलिया पुलिस मौके पर पहुंची।
रस्सी और लाइफ जैकेट की मदद से पुलिस ने नाले में फंसे आठ लोगों को निकाल लिया। इसी बीच कार तेज बहाव में ओझल हो गई। थानाध्यक्ष शांति प्रसाद गंगवार ने जीशान और रेहान को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ की मदद मांगी।
पुलिस और एसडीआरएफ ने दूसरे दिन दोपहर तक 15 किमी एरिया में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन दोनों भाइयों का पता नहीं चल सका। कार कुछ दूरी पर रपटे के नीचे बरामद हुई है।