हल्द्वानी। पुलिस ने तुषार अपहरण कांड का खुलासा कर उत्तर प्रदेश के तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। 50 लाख की फिरौती के लिए तुषार का अपहरण किया गया था। हालांकि मुख्य आरोपी आलोक अभी फरार है। तल्ली बमौरी गली नंबर-एक निवासी गिरीश चंद्र लोहनी के पुत्र तुषार (27) का बीती आठ मई को कार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया था। मामले में गिरीश लोहनी ने मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
गिरीश ने बताया कि तुषार फरीदाबाद में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था। वहां उसकी दोस्ती आलोक तिवारी व कपिल तिवारी से हो गई। तुषार के पिता ने दोनों पर शक जताते हुए इनके नंबर भी पुलिस को दिए थे। पुलिस का दबाव बढ़ने पर अपहरणकर्ता तुषार को बांदा में छोड़ गए।
तुषार ने वहां से अपने पिता को फोन किया और आपबीती सुनाई। पुलिस ने तुषार को बांदा से बरामद कर लिया। तब से पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुट गई थी। थानाध्यक्ष मुखानी दिनेश जोशी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी की जांच व मोबाइल लोकेशन के आधार पर छानबीन की।
पुलिस ने बांदा में आलोक व कपिल के घर पर दबिश दी। हालांकि दोनों हत्थे नहीं चढ़े। इस बीच मुन्ना कुरैशी निवासी तावडू हरियाणा, दयाशंकर तिवारी निवासी महखोर बांदा, अंकुश कुमार व विनय प्रताप निवासी कृपालपुर इटावा का नाम भी प्रकाश में आया।
पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए अपहरणकर्ताओं के घर पर दबिश देकर अंकुश, विनय व दयाशंकर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। माई सिटी रिपोर्टर