नंधौर वैली में मिले दुर्लभ प्रजाति के कछुए
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नैनीताल से टनकपुर जिले तक फैली जैव विविधता से समृद्ध नंधौर वैली में दुर्लभ किस्म के दो कछुए मिले हैं। थ्री कील्ड लैंड प्रजाति के ये कछुए पहली बार कुमाऊं के जंगलों में मिले हैं। इसे लेकर वन महकमा उत्साहित है।
एसडीओ टनकपुर राजेश श्रीवास्तव सोमवार को शारदा नदी के किनारे जंगल में गश्त कर रहे थे। इस बीच उन्हें कछुए दिखाई दिए। कछुओं को देख वह दंग रह गए। ये कछुए थ्री कील्ड लैंड प्रजाति के थे। इसे दुर्लभ प्रजाति माना जाता है।
ये सूची एक में आते हैं। इससे पहले यह कछुए देहरादून जिले में दून वैली में देखे गए थे। वन अफसरों का मानना है कि ये कछुए वैली की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाते हैं। फिलहाल वन महकमा इन कछुओं के संरक्षण पर जोर दे रहा है।
जंगल में भी सर्वे कर ऐसे कछुओं की गणना की जा रही है। इधर, टनकपुर में ही बने जलीय जैव विविधता संरक्षण केंद्र में ऐसे ही दुर्लभ किस्म के साथ स्थानीय कछुओं के संरक्षण पर भी जोर दिया जाता है।
विष्णु भगवान का प्रतीक मानी जाती है यह प्रजाति
वन अधिकारियों के मुताबिक पौराणिक मान्यता के अनुसार कछुओं की थ्री कील्ड लैंड प्रजाति को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है। नेपाल में इस कछुए को शुभ माना जाता है और पूजा की जाती है।
रेड डाटा बुक में है दर्ज
डीएफओ डॉ. चंद्रशेखर सनवाल ने बताया कि ये कछुए दुर्लभ प्रजाति के हैं इसलिए इनके व्यवहार पर ज्यादा रिसर्च नहीं हो सकी है। वैज्ञानिक इस पर शोध रहे हैं।
यह प्रजाति प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) में रेड डाटा बुक में दर्ज है। साथ ही यह कंवेंशन ऑफ इंटरनेशन ट्रेड इन एनिमल्स की भी दुर्लभ श्रेणी में आता है।