सोना-चांदी ज्वैलर्स पर आयकर विभाग का छापा पड़ने के बाद से सभी सराफा व्यवसायियों में खलबली मची है। वह खरीद-फरोख्त का पुराना रिकॉर्ड दुरुस्त करने में जुटे हैं। इसके तहत सराफा व्यवसायी पुराने नोट लेकर बेचे गए महंगे सोने का कारोबार वैध दिखाने में लगे हैं। सराफा व्यवसायियों को चिंता है कि न जाने कब, किसके यहां छापा पड़ जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को बड़े पुराने नोट बंद करने का एलान किया था। तब 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद होने से परेशान कई धनाढ्य लोगों ने आनन-फानन में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण और बिस्कुट खरीद डाले थे। यही नहीं 12 नवंबर तक पुराने नोट लेकर कई बड़े ज्वैलर्स ने डायमंड और कीमती आभूषणों की खूब बिक्री की।
कई सराफा दुकानों में धनाढ्य लोग नोटों से भरे बड़े-बड़े बैग लेकर पहुंचे और दुकान से निकले तो छोटे से बैग में बेशकीमती सामान लेकर। इस तरह कई बड़े ज्वैलर्स ने आठ नवंबर एवं पुरानी तिथियों में खरीद-फरोख्त के बिल काटने की भी चर्चाएं चलती रहीं।
इस दौरान शहर में कई बार ज्वैलर्स के यहां आयकर विभाग के छापे की खबर उड़ीं लेकिन उस समय तो यह बात अफवाह निकलने पर सराफा व्यवसायियों को काफी राहत मिली लेकिन नोट बंदी के 17 दिनों के भीतर सोना चांदी ज्वैलर्स के यहां छापामार कार्रवाई ने उनकी नींद उड़ा दी है।