हल्द्वानी। पिछले साल अगस्त में ड्रोन से दूरस्थ इलाकों में दवा पहुंचाने की योजना प्रशासन से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण शुरू नहीं हो सकी थी। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटाबाग से मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के बीच ड्रोन सेवा शुरू करने के लिए डेमोस्ट्रेशन शुरू हो रहा है। ड्रोन से दूरस्थ क्षेत्रों में दवा भेजने की योजना में देहरादून और हल्द्वानी को ही चुना गया है।
भारत सरकार के प्रोजेक्ट ड्रोन दीदी योजना के तहत रिमोट क्षेत्र में तत्काल ड्रोन तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की योजना को परवान चढ़ाने का कार्य शुरू हो गया है। पहले ट्रायल होगा और इसमें देखा जाएगा कि ड्रोन पांच किलो तक का वजन ले जाने में सक्षम है या नहीं। खून की सैंपल लाने के साथ देखा जाएगा कि चयनित स्थान तक पहुंचने में खून खराब तो नहीं हुआ। सुशीला तिवारी अस्पताल के एचआईएस प्रभारी सीएस गुरुरानी ने बताया कि मंगलवार को मेडिकल कॉलेज से ट्रायल किया जाएगा। पुलिस से स्वीकृति मिल चुकी है। दिल्ली में कोटाबाग की आशा वर्कर को एक हफ्ते का ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद वह एक और आशा वर्कर को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देंगी। फिलहाल कोटाबाग ही चयनित है। योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद केंद्र सरकार के आदेश के बाद अन्य स्थानों को भी चयनित किया जा सकता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटाबाग में ट्रायल तिथि के दौरान जांच से जुड़े संसाधन जुटाने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। वहां संभव नहीं होने वाली जांचों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में निशुल्क रूप में किया जाएगा।
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज