चंपावत/लोहाघाट। चंपावत जिले के पर्वतीय हिस्से की बिजली की अनियमित आपूर्ति लगातार चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। पांच घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी हुई।
चंपावत, लोहाघाट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:45 बजे बंद हो गई। इसके चलते लोगों को रोजमर्रा के कामों को करने में दिक्कत हुई। लोहाघाट में लिफ्ट पेयजल योजना के जरिए पानी की आपूर्ति होती है, जिससे लोगों को पानी नहीं मिल सका। बृहस्पतिवार दोपहर 2:50 बजे बिजली आपूर्ति फिर से सुचारु हो सकी।
ऊर्जा निगम के जेई आरसी पंत ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह बाराकोट के पास छीड़ा में बिजली लाइन में पेड़ गिरने से सप्लाई ठप हुई है। लोहाघाट से जेई बसंत बल्लभ गहतोड़ी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर लाइन को ठीक कर दोपहर पौने तीन बजे तक आपूर्ति सुचारु की।
बीते चार दिनों से प्रभावित बिजली आपूर्ति:
19 अप्रैल: 12.10 से अपरान्ह 3.15 बजे तक।
20 अप्रैल: 9.30 से अपरान्ह 1.35 बजे तक।
21 अप्रैल: तड़के 3.15 से अपरान्ह 1.20 बजे तक।
22 अप्रैल: सुबह 9.45 बजे से अपरान्ह 2.50 बजे तक।
थल में 23 घंटे से बिजली ठप
थल/मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। थल क्षेत्र में पिछले 23 घंटे से बिजली गुल होने से लोगों में आक्रोश है।
बृहस्पतिवार को आक्रोशित लोगों ने यूपीसीएल के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। कहा कि थल क्षेत्र में पिछले 23 घंटे से बिजली नहीं है। बिजली नहीं होने से 60 से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूपीसीएल के अवर अभियंता मुकेश सिंह का कहना है कि बिजली लाइन में खराबी से बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसे शीघ्र ही सुधार कर लिया जाएगा।
इस मौके पर दीपक भैसोड़ा, सुरेश चंद रजवार, दीपक सामंत, रिजवान अली, गणेश राम, चंद्र सिंह धामी, दिनेश सिंह सत्याल, संजय सिंह बोरा मौजूद रहे। उधर, मुनस्यारी में भी पूरे दिन बिजली गुल रही। इसके चलते लोगों के कामकाज प्रभावित रहे।