हल्द्वानी। चिलचिलाती धूप के बीच रविवार को कलसिया पुल और भीमताल तिराहा पुल पर बसों और कारों की कतारें लग गईं। जाम में फंसे यात्रियों और पर्यटकों को निकलने में दो घंटे लग गए। इसी तरह परीक्षार्थियों की भीड़ के चलते दोपहर और शाम को मंगलपड़ाव क्षेत्र में जाम लग गया। इस दौरान यातायात संचालित करने में पुलिस के पसीने छूट गए।
पहाड़ की ओर से पर्यटकों की भीड़ उमड़ने का असर रविवार को भीमताल तिराहा और कलसिया पुल पर दिखाई दिया। दोनों पुलों की एक लेन होने के कारण पुलिस की टीमें एक ओर से वाहनों को रोककर दूसरी ओर के वाहनों को निकाल रही थी।
रविवार सुबह शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ उमड़ने के कारण कलसियापुल पर वाहनों की कतारें लग गईं। जाम में आठ बसें और कई कारें फंस गईं। यहां करीब एक किमी तक वाहनों की कतारें लग गईं। जाम में फंसे बस यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान दो यात्रियों को उल्टी भी हो गईं और बच्चे गर्मी से परेशान हो गए।
कलसिया पुल से बसों को पार कराने में पुलिस को करीब डेढ़ घंटा लग गया। शाम के समय फिर पर्यटकों के वाहनों से जाम लग गया।
इधर, शहर में पीसीएस के परीक्षार्थियों की भीड़ के चलते मंगलपड़ाव में दोपहर और शाम को जाम लग गया। जाम का कारण सड़क पर खड़े बेतरतीब वाहन बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जाम से निजात दिलाने के लिए कारों और दो पहिया वाहनों को स्टैंडर्ड स्वीट हाउस की ओर मोड़ दिया था।
कई यात्रियों का सिर दर्द बढ़ा
भीमताल से बस में सवार हर्ष और पूजा ने बताया कि चिलचिलाती धूप के बीच पुल पर आने के बाद चालक ने गाड़ी रोक दी। आधे घंटे जाम से बाहर निकलने पर कलसिया पुल पर काफी देर तक बस खड़ी रही। धूप में देर तक बैठे रहने के कारण दोनों यात्रियों को सिर दर्द हो गया। इसी तरह बस के अन्य यात्री पसीने और धूप से परेशान दिखे। चालक का कहना था कि रोज यात्रियों को जाम झेलना पड़ता है।
एक पुल से निकले तो दूसरे पर फंसे
भीमताल तिराहा पुल से रविवार शाम आधे घंटे में निकलने वाले पर्यटकों की तीन वाहन कलसिया पुल आने पर फिर जाम में फंस गए। यहां डेढ़ घंटे में नंबर आने पर पर्यटक जाम से बाहर निकल सके।
पंचायतघर पर पुलिस लगाती रही स्टीकर
पुलिस ने रामपुर रोड और बरेली रोड के बाहरी वाहनों को पंचायतघर से कालाढूंगी की ओर मोड़ दिया था। शहर में घुसने वाले वाहनों पर पुलिस स्टीकर लगा रही थी। पुुलिस ने ट्रकों को जगह जगह खड़ा करा दिया था।