भीमताल, भवाली में जिला प्रशासन और पुलिस के वीकेंड में जाम से निजात दिलाने के दावे रविवार को पूरी तरह फेल नजर आए। रविवार की सुबह से शाम तक भवाली से कैंची धाम और बोहराकून से काठगोदाम तक लंबा जाम लगा रहा। भीमताल से कैंची धाम पहुंचने में सैलानियों को तीन घंटे लग गए। रविवार की शाम चार बजे के बाद भीमताल के क्वैराली से काठगोदाम तक जाम लगने से सैलानी और यात्री घंटों जाम में फंसे रहे।
कैंची धाम में रविवार को 30 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा नीब करौरी महराज के दर्शन करने के लिए पहुंच गए। इधर रामगढ़, नथुवाखान और मुक्तेश्वर में भी जाम देखने को मिला। लखनऊ के मयंक गुप्ता ने बताया कि परिवार के साथ कैंची धाम दर्शन के लिए आए हुए थे लेकिन दो घंटे से अधिक जाम का सामना करना पड़ा। इससे अन्य सैलानी भी परेशान नजर आए।
होटल कारोबारी रमन बिष्ट, अखिलेश सेमवाल, विजय कुमार झा ने बताया कि भीमताल खुटानी पर वाहनों की चेकिंग के चलते जाम लगा रहा। इससे कारोबार भी प्रभावित रहा। उन्होंने प्रशासन से खुटानी में वाहनों को नहीं रोकने की मांग की है। कांग्रेस जिला महामंत्री निर्मला आर्या ने कहा कि कैंची धाम में श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं। पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से जाम से घंटों सैलानियों को परेशान होना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन को उचित कदम नहीं उठा पा रहा है।
घंटों जाम में फंसे रहे राहगीर
कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें 2 किमी. की दूरी तय करने में 3 से 4 घंटे लग गए। इस जाम से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का ट्रैफिक प्लान पूरी तरह फेल रहा और जाम खुलवाने में घंटों लग गए। दूसरी ओर, सीओ सुमित पांडे ने बताया कि वीकेंड बनाकर पर्यटक लौट रहे हैं। गर्जिया मंदिर में भक्तों की अत्यधिक भीड़ आने की वजह से स्थिति बिगड़ी। पुलिस की टीम जाम खुलवाने में जुटी रही।
ध्वस्त हुआ शहर का ट्रैफिक प्लान, जाम ही जाम
रविवार को रामनगर से लेकर मोहान तक सैलानी घंटों जाम में फंस गए। पर्यटकों की भीड़ से 10 किमी. लंबा जाम लग गया और पुलिस को वन-वे व्यवस्था लागू करनी पड़ी। वीकेंड के चलते रामनगर में पर्यटक बढ़ी संख्या में पहुंचे। दो किमी की दूरी करने में लोगों को तीन से चार घंटे लग गए। ऐसे में वाहनों के भीतर ही लोग परेशान नजर आए। जाम के चलते एक एंबुलेंस भी फंस गई जिसे किसी तरह से निकाला गया। रविवार होने के चलते गर्जिया मंदिर में भी हजारों की संख्या में भक्तगण पहुंच गए। ऐसे में पुलिस का ट्रैफिक प्लान ध्वस्त हो गया। रामनगर के लखनपुर चौक से लेकर मोहान तक वाहनों का रेला जाम में फंस गया। इतना लंबा जाम लगने की वजह से पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। लखनपुर चौक पर सीओ ने खुद मोर्चा संभाला और वन-वे व्यवस्था को लागू करते हुए जाम खुलवाया। वहीं रामनगर ढिकुली के बीच एक एंबुलेंस भी फंस गई थी, जिसे पुलिस ने किसी तरह अस्पताल पहुंचाया। वीकेंड मनाकर लौट रहे सैलानियों की कारें जाम में फंस रही, जिन्हें निकलने में घंटों लग गए। जाम के हालत रात आठ बजे तक बने रहे और पुलिस चौराहों पर मुस्तैद रही।