सरकार द्वारा पांच सौ और एक हजार के नोट बंद किए जाने का नैनीताल में व्यापक असर पड़ा है। यहां तमाम पर्यटन गतिविधियां थम सी गई हैं। इसके चलते जहां पर्यटन व्यवसायियों को घाटा हो रहा है तो दूसरी ओर पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ी। सुबह से ही नगर से पर्यटक विदा होने शुरू हो गए थे।
पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ रही पंप ऑपरेटर ओम प्रकाश ने बताया कि वे पांच सौ और एक हजार के नोट स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन इसी राशि का पेट्रोल लेने पर ही तेल दे रहे हैं।
एमपी धार से आए पर्यटक दंपति राकेश गंगवानी ने बताया कि उन्हें रेस्टोरेंट में ढाई सौ का खाना खाने पर 500 रुपए चुकाने पड़े। इसी शर्त पर पांच सौ का चेक स्वीकार स्वीकार हुआ, जबकि छोटे नोट नहीं होने के चलते वे जू की सैर और बोटिंग का आनंद नहीं ले सके।
अलका होटल के वेद साह ने बताया कि उनके होटल में अधिकतर पर्यटकों ने कल (मंगलवार को) खबर सुनते ही अपने बिलों का भुगतान कर दिया। उन्होंने कहा कि बुधवार को चैक आउट करने वाले जिन पर्यटकों के पास डेबिट क्रेडिट कार्ड नहीं थे, उन्हें बाद में भुगतान करने की स्वीकृति भी दी।
साह ने बताया कि अनेक पर्यटक खबर के बाद निर्धारित कार्यक्रम बदलकर बीती रात ही अपने घरों को लौट गए। इधर, घोड़ा चालकों ने व्यावसायिक समझ दिखाते हुए सौ, 50 के नोटों की व्यवस्था कर रखी थी और पर्यटकों से पांच सौ व एक हजार के नोट स्वीकारे। खास बात यह थी कि भले ही पर्यटक तथा व्यवसायी परेशान रहे, लेकिन सरकार के फैसले को सबने एक स्वर में सराहा।
चौथाई रह गई ब्रिकी, केव गार्डन में लगे ताले
नगर में पर्यटकों के आकर्षण के प्रमुख केंद्र जू ,रोप-वे, बोटिंग, केव गार्डन, घुड़सवारी हैं। केव गार्डन, रोप-वे व केव गार्डन का संचालन कुमाऊं मंडल विकास निगम करता है। रोप-वे प्रभारी मोहन जोशी ने बताया कि मंगलवार को 442 टिकट कटे थे, लेकिन बुधवार को महज 160 कटे।
प्रबंधन के निर्देश पर पांच सौ व एक हजार के नोट नहीं स्वीकारे गए। केव गार्डन में तो पर्यटकों के हो हल्ला करने के बाद 12 बजे ही ताले लगा दिए गए थे। बोट स्टैंड पर प्रीपेड टिकट बूथ पर मंगलवार को करीब सौ टिकट कटे थे, मंगलवार शाम तक मात्र 10 टिकट ही कटे।
जू शटल के टिकट प्रभारी लक्ष्मण ने बताया कि अन्य दिनों के मुकाबले बुधवार को 25 फीसदी टिकट बिके। अनेक रेस्टोरेंट संचालकों ने पर्यटकों से हमदर्दी दिखाते हुए पांच सौ के नोट स्वीकार किए। मेजबान मचान के रंजीत औैर रावत रेस्टोरेंट के सुधीर रावत ने किसी पर्यटक को निराश नहीं किया।
बिल जमा नहीं हुए, शराब की ब्रिकी हुई आधी
बड़े नोटों पर प्रतिबंध के बाद बुधवार को बिजली और पानी के बिल जमा करने वालों से ये नोट स्वीकार नहीं किए गए। बिल जमा करने वाले कर्मियों ने कहा कि सरकार ने जिन विभागों को सरकार ने नोट स्वीकारने की छूटी दी है, उनमें ये विभाग शामिल नहीं हैं। कैपिटल सिनेमा में अन्य दिनों के मुकाबले आधे ही टिकट बिके जबकि शराब की ब्रिकी भी करीब 50 फीसदी घट गई।