तीनों कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बृहस्पतिवार को तराई के किसानों ने सितारगंज-काशीपुर हाईवे पर स्थित ग्राम चुकटी देवरिया के टोल को टोल मुक्त करवा दिया। किसानों ने टोल प्रबंधन को किसानों से टोल ना वसूलने की चेतावनी दी। टोल के पास आयोजित धरने पर किसानों ने सरकार को जमकर कोसा। सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक किसान धरने पर डटे रहे। वहीं, टोल मुक्त कराए जाने से टोल प्रबंधन को करीब साढ़े तीन लाख का नुकसान हुआ।
बृहस्पतिवार सुबह से ही सितारगंज, गदरपुर, बिलासपुर और रुद्रपुर से बड़ी संख्या में किसान टोल पर पहुंचने शुरू हो गए। इनमें कुछ महिला किसान भी शामिल रहीं। इसके बाद किसानों ने टोल गेट उठाकर टोल वसूली बंद करवा दी। किसानों ने चेतावनी दी कि किसानों से टोल ना वसूला जाए। बाद में लालपुर पुलिस चौकी के सामने किसान धरने पर बैठ गए। यहां हुई सभा में तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि किसानों के हित में वह अपनी शहादत देने को तैयार हैं। भाजपा सरकार किसानों पर झूठे मुकदमे लाद कर भयभीत कर रही है लेकिन किसान रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा। विर्क ने कहा कि आज किसान अपनी विरासत बचाने की लड़ाई लड़ रहा है जबकि सरकार संघर्ष कर रहे किसानों के आंदोलन को कुचलना चाह रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू ने कहा कि किसानों को एमएसपी का भाव नहीं मिल रहा है। बताया कि मक्का का भाव 1800 रुपये है लेकिन बाजार में 900 रुपये प्रति क्विंटल में ही बिक रहा है। संधू ने कहा कि डीजल, खाद के दाम रोज बढ़ रहे हैं लेकिन किसानों की फसल का मूल्य नहीं मिल रहा है। जगरूप सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलना चाह रही है लेकिन आज देश का किसान जाग चुका है, सरकार को काले कानूनों को वापस लेना ही होगा। रुद्रपुर के सीपी शर्मा ने कहा कि उनके पिता ने स्व. महेंद्र सिंह टिकैत के साथ किसानों के लिए लड़ाई लड़ी और वे टिकैत के साथ जेल भी गए। उन्होंने अपने पिता के आदर्शों पर चलते हुए किसानों पर थोपे गए तीनों काले कानूनों के खिलाफ लड़ाई शुरू की है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि यह देश कृषि प्रधान देश है लेकिन केंद्र सरकार काले कानून थोपकर किसानों के अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान आज भी 90 फीसदी से अधिक उपज एमएसपी से कम में बेचने को मजबूर है। किसान फसल खरीदने के दाम की गारंटी मांग रहा है। यदि सरकार ने किसानों की मांग नहीं मानी तो आने वाले चुनाव में किसान भाजपा की कुर्सी छीन लेंगे। डीजल, पेट्रोल, गैस, खाद, कीटनाशक के मूल्य आसमान छू रहे हैं लेकिन मोदी सरकार किसान की सुध नहीं ले रही है।
पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि एक मार्च को रुद्रपुर में होने वाली महापंचायत एतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि महापंचायत में सर्व धर्म के लोग शिरकत करेंगे। सभा को फिरदौस सलमानी, अमन ढिल्लों, इकबाल सिंह, मीना शर्मा, हरीश पनेरू, कर्नल प्रमोद शर्मा, गदरपुर के तलविंदर सिंह आदि ने भी संबोधित किया। इधर, टोल प्रबंधक राहुल शर्मा ने बताया कि टोल को टोल मुक्त कराने से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को करीब साढ़े तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि शाम तीन बजे के बाद टोल पर वसूली शुरू कर दी गई थी।
टोल पर लंगर के साथ चाय-पानी की सेवा मिली
किच्छा। टोल प्लाजा पर धरने के दौरान किसानों के लिए गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा पुरानी मंडी की ओर से लंगर की व्यवस्था की गई थी। सभा के प्रधान देवेंद्र सिंह विर्क ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे लंगर वाली ट्रॉलियां पहुंचना शुरू हो गई थीं और लंगर वितरित करना शुरू कर दिया था। इस दौरान आंदोलन करने वालों के अलावा आने जाने वाले राहगीरों ने भी लंगर छका। इसके अलावा पानी की बोतलों की व्यवस्था के साथ ही चाय का स्टाल भी चलता रहा। (संवाद)
अनुशासित रहा धरना
किच्छा। टोल प्लाजा के पास किसानों का धरना पूरी तरह अनुशासित रहा। सुबह किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू, संतोख सिंह, अमरजीत सिंह संधू, प्रभजोत सिंह चीमा, सुखविंदर सिंह आदि ने टोल गेट खुलवा दिए और टोल फ्री करवाया। बाद में धरना स्थल से आयोजक बार बार युवाओं को टोल की ओर ना जाने का आह्वान करते रहे। (संवाद)
एहतियातन पुलिस बल तैनात रहा
किच्छा। पुलिस प्रशासन ने किसानों के आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए। रुद्रपुर, ट्रांजिट कैंप, पुलभट्टा, सितारगंज के अलावा गदरपुर तक से पुलिस बल को यहां बुलाकर तैनात कर दिया गया था। इनमें महिला पुलिस भी तैनात रही। सुरक्षा को देखते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौजूद रही। एएसपी ममता बोहरा, सीओ सुरजीत कुमार, कोतवाल चंद्रमोहन सिंह अधीनस्थों को समय-समय पर निर्देश देते रहे। पुलिस प्रशासन ने धरने की वीडियोग्राफी भी करवाई। (संवाद)
गर्मी में पुलिसकर्मी अचेत हुआ
किच्छा। तेज गर्मी में टोल पर ड्यूटी पर तैनात कलकत्ता फार्म चौकी के कांस्टेबल धीरज गिरी की तबीचत अचानक खराब हो गई और वह अचेत होकर गिर पड़े। पुलिस कर्मचारी उन्हें एनएच की एंबुलेंस से अस्पताल ले गए। अस्पताल में इलाज के बाद उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार है। (संवाद)
धरने और सभा में ये लोग रहे मौजूद
किच्छा। टोल पर धरने के दौरान वहां पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, संजीव कुमार सिंह, फजील खान, विनोद कोरंगा, विक्रमजीत सिंह, संतोख सिंह, जितेंद्र सिंह संधू, हाजी सरवरयार खान, रमेश तिवारी, गणेश उपाध्याय, लक्ष्मण दास बांगा, अशोक बांगा, देवेंद्र सिंह, अरुण तनेजा, गुरदास कालरा, मेजर सिंह, अनिल शर्मा, ओंकार सिंह, अशोक चुघ, जानकी तिवारी, जस्सी देवल, ओमप्रकाश दूआ, निर्मल सिंह हंसपाल, जावेद मलिक, पुनीत यादव, सोनी मलिक, अमरजीत सिंह, राजू प्रधान, तीरथ मुंजाल, सुरेश खुराना समेत अन्य लोग मौजूद रहे। (संवाद)
लंगर वितरित करते सेवादार।- फोटो : KITCHHA
उत्तराखंड के किसान बहुल्य ऊधमसिंह नगर जनपद के बाजपुर में रेलवे पटरी पर आयोजित सभा को संबोधित करत?- फोटो : KITCHHA
टोल बैरियर हटाते किसान- फोटो : KITCHHA