तमाम प्रयासों के बावजूद भी समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं में गड़बड़ी रुक नहीं रही है। सोशल ऑडिट में बड़ी संख्या में अपात्र और मृतकों के खाते में पेंशन जाने का खुलासा हुआ है। ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था के बावजूद गड़बड़ी नहीं रुक रही है। देहरादून और हरिद्वार में अपात्र एवं मृतकों की संख्या सबसे अधिक है।
समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं में जमकर फर्जीवाड़ा हो रहा था। फर्जीवाडे़ को रोकने के लिए सोशल ऑडिट शुरू किया गया था। राज्य के सभी जिलों में हुए सोशल ऑडिट में 8,245 मृतक पाए गए और 1,612 अपात्र पाए गए। वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन 6,31,877 लोगों को दी जा रही है, जबकि सोशल ऑडिट महज 4,28,882 लाभार्थियों का हुआ है। अभी 2,02,995 का सोशल ऑडिट होना शेष है।
समाज कल्याण निदेशक ने विष्णु सिंह धानिक ने अपात्र एवं मृतकों के खाते में गई पेंशन की वसूली के आदेश जिला समाज कल्याण अधिकारियों को दिए हैं। रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं ऊधमसिंह नगर में बड़ी संख्या में लाभार्थियों का सोशल ऑडिट नहीं हो पाया है। धानिक ने अपात्रों को पेंशन स्वीकृत करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों का विवरण भी मांगा है।
जिले कुल लाभार्थी सोशल ऑडिट वालों की संख्या मृतक अपात्र
पौड़ी 42,316 40,306 35 0
टिहरी 64,962 64,962 1,302 0
चमोली 26,182 26,182 482 0
रुद्रप्रयाग 22,088 20,181 519 42
उत्तरकाशी 31,064 23,362 637 04
देहरादून 87,369 71,208 1,901 447
हरिद्वार 10,8901 47,460 1,281 874
नैनीताल 41,478 14,879 666 85
अल्मोड़ा 58,907 43,781 181 0
पिथौरागढ़ 32,652 4,637 50 0
बागेश्वर 25,400 12,627 43 0
चंपावत 19,762 19,762 337 27
यूएसनगर 70,796 39,535 811 133
योग 6,31,877 4,28,882 8,245 1,612
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नोट : कुल लाभार्थी में वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन धारक शामिल हैं।
अब देना होगा जीवित प्रमाण पत्र
हल्द्वानी। पेंशन योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए अब लाभार्थियों को जीवित प्रमाण पत्र प्रतिवर्ष देना होगा। जीवित प्रमाण पत्र न देने वाले लाभार्थियों के खाते में पेंशन नहीं जाएगी। समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने बताया कि पेंशन योजनाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए इसे लागू किया गया है।
थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की तैयारी
हल्द्वानी। समाज कल्याण विभाग अब पेंशन योजनाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने पर विचार कर रहा है। ऑडिट के लिए किसी निजी कंपनी से करार किया जा सकता है। थर्ड पार्टी ऑडिट से विभाग अपनी योजनाओं की सफलता और असफलता का भी आकलन करेगा। विभाग को शिकायत मिल रही है कि कुछ योजनाओं की धनराशि अन्य उपयोग में लाई जा रही है। समाज कल्याण निदेशक धानिक ने बताया कि थर्ड पार्टी ऑडिट कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।