रामनगर वन प्रभाग के रिंगौड़ा खत्ता में बाघ ने दो गायों को मार दिया। सूचना पर डीएफओ वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। डीएफओ ने बाघ की मूवमेंट का पता लगाने के लिए छह कैमरा ट्रैप लगाए हैं। बीते दिनों भी क्षेत्र में बाघ ने एक गाय को निवाला बनाया था।
रिंगौड़ा खत्ता में मंगलवार देर रात तुलसी देवी और बुधवार सुबह नंदन सिंह मेहरा की गोशाला में बंधी गाय को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया। बाघ के हमले में दो गायों की मौत से ग्रामीणों में रोष है। डीएफओ दिगांथ नायक ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएफओ ने खत्ते में रहने वाले ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने वनकर्मियों को खत्ते में चार सोलर लाइट लगाने, दिन और रात्रि में कोसी रेंज एवं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की संयुक्त गश्त करने, सोलर फेंसिंग कराने एवं रिगौड़ा खत्ता में स्रोत से खत्ते तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कॉर्बेट पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी, कोसी रेंजर शेखर तिवारी, बिजरानी रेंजर बीपी हर्बोला आदि मौजूद रहे।
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वाहन के आगे कूदा तेंदुआ, बाल-बाल बचा चालक
बेतालघाट ब्लॉक और ताड़ीखेत ब्लॉक के गांवों में बीते कुछ समय से तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। बुधवार शाम सूरी फार्म के पास खैरना की तरफ आ रहे एक वाहन के आगे तेंदुआ अचानक कूद गया। इसके बाद वाहन चालक के शोर करने पर तेंदुआ भाग गया। खैरना निवासी कैलाश नेगी, नवीन रावत, दानू खत्री ने बताया कि सूरी फार्म के पास आए दिन तेंदुआ दिखाई दे रहा है। सूरी गांव निवासी तारा सिंह सिंह परिहार ने बताया कि तेंदुआ आबादी क्षेत्र में पालतू मवेशियों को निवाला बना रहा है। उन्होनें वन विभाग के अधिकारियों सें तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। बेतालघाट के सीम, व्यासी, दड़माड़ी, बमाटाना में तेंदुआ नजर आ रहा है।