रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज में आपसी संघर्ष में एक बाघ की मौत हो गई। वनकर्मियों को गश्त के दौरान बाघ का शव दिखा। बाघ की मौत पर पार्क प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव को नष्ट कर दिया गया।
ढेला जोन के रेंजर संदीप गिरी ने बताया कि ढेला पूर्वी बीट के कंपार्टमेंट नंबर दस पर वनकर्मी सोमवार सुबह गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान वनकर्मियों को बाघ का शव दिखा। बाघ के शरीर का पिछला हिस्सा खाया हुआ था। सूचना पर वनाधिकारी मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। जहां बाघ की मौत हुई थी, वहां आपसी संघर्ष के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव को जला दिया गया। बाघ के सभी अंग सुरक्षित थे। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि आपसी संघर्ष में बाघ की मौत हुई है। बाघ के शरीर का पिछला हिस्सा खाया हुआ था, जिससे पता नहीं चला रहा था कि वह नर या मादा है। कदकाठी से नर बाघ होने की संभावना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति साफ होगी।